मोदीनगर निवाड़ी रोड स्थित दिव्य ज्योति ग्रुप आफ इंस्टीट्यूूसंस के हास्टल में एमडीएस छात्रा का शनिवार काे शव फंदे से लटका मिला। फंदा चुन्नी से बनाया हुआ था। जिसे छत के पंखे से बांध रखा था। मौके से एक नोट भी बरामद हुआ है। पुलिस का दावा है कि यह सुसाइड नोट है। लेकिन लेखनी की जांच के लिए सुसाइड नोट फारेसिंक लैब भेजा गया है। फील्ड यूनिट ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। कोई शिकायत स्वजन की तरफ से निवाड़ी थाने में नहीं दी गई है।
हरियाणा के रेवाड़ी स्थित गांव कोसली के रामेश्वर यादव की बेटी रेनूका यादव (26) ने इसी वर्ष दिव्य ज्योति ग्रुप आफ इंस्टीट्यूटंस में एडमिशन लिया था। वे एमडीएस में आरल सर्जरी विभाग की छात्रा थी। कालेज परिसर के ही गर्ल्स हास्टल में उन्हें 302 नंबर कमरा मिला। दस दिन पहले ही उन्होंने हास्टल में रहना शुरू किया था। पिछले तीन दिन से वे बीमार थी। उन्हें डायरिया के लक्षण थे। इसलिए कक्षा में नहीं गई थी। शनिवार को कक्षा में आने की बात शिक्षकों से कही थी। लेकिन शनिवार को वे कक्षा में नहीं पहुंची। दस बजे तक भी जब वे नहीं पहुंची तो शिक्षकों ने दो छात्राओं को उनके कमरे पर भेजा। उन्होंने कमरे पर पहुंचकर रेनूका को आवाज दी। लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। उन्होंने इस बारे में हास्टल वार्डन को बताया। इसके बाद बढ़ई की मदद से कमरे का दरवाजा तोड़ा तो रेनूका का शव पंखे पर लगे फंदे से लटका मिला। सूचना पर कालेज स्टाफ मौके पर पहुंच गया। कुछ ही देर में एसीपी मोदीनगर ज्ञान प्रकाश राय टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। फील्ड यूनिट को भी मौके पर बुलाया गया। जरूरी साक्ष्य एकत्र कर फारेंसिक लैब को भेजे गए। शाम के समय स्वजन भी संस्थान पहुंचे। संस्थान के पदाधिकारियों ने उन्हें पूरी घटना से अवगत कराया।

नहीं है शरीर पर चोट का निशान

पुलिस के मुताबिक, शव पर चोट का कोई निशान नहीं मिला है। केवल गले पर निशान है। ऐसे में मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस घटना को प्रथम दृष्टया आत्महत्या ही मान रही है। लेकिन अन्य एंगलों पर भी जांच में पुलिस जुटी है।

  • शव पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है। मौके से बरामद साक्ष्य फारेसिंक लैब भेजे गए हैं। प्राथमिक जांच में घटना आत्महत्या की प्रतीत हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, उसके बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ज्ञान प्रकाश राय, एसीपी मोदीनगर।

डेढ़ साल पहले भी हुई थी छात्रा की मौत

  • दिव्य ज्योति ग्रुप आफ इंस्टीट्यूूसंस की बीएएमएस की छात्रा लक्ष्मी गुप्ता की भी डेढ़ साल पहले मौत हो हुई थी। वे निवाड़ी रोड पर किराये के कमरे पर रहती थी। उनका शव कमरे में लटका मिला था। मौके से नोट बरामद हुआ था। पुलिस शुरूआत में उसे आत्महत्या की मान रही थी। लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या की पुष्टि हुई तो पुलिस ने जांच का केंद्र बदला। इसलिए पुलिस इस मामले में भी जल्दबाजी नहीं बरत रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व नोट की जांच के बाद अन्य बिंदु सामने आ सकते है। उसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई शुरू करेगी।

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