Home AROND US मोदीनगर : खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक खेल में पुरस्कार देकर किया सम्मानित

मोदीनगर : खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक खेल में पुरस्कार देकर किया सम्मानित

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दिव्यांग खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता साबित करने के लिए पैरालंपिक खेल विशेष महत्व रखते हैं ओलंपिक खेलों के समानांतर खेले जाते हैं पैरालंपिक खेल अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति(IOC) द्वारा मान्यता प्राप्त है जिसमें बौद्धिक व शारीरिक दिव्यांग एथलीट्स शामिल होते हैं पैरालंपिक खेल एक अंतरराष्ट्रीय मल्टी स्पोर्ट्स इवेंट है जिसमें शारीरिक रूप से दिव्यांग एथलीट्स जिनकी मांसपेशियां शक्ति छिन होती है और जो शारीरिक रूप से पुष्ट न हो आदि शामिल होते हैं पैरालंपिक खेलों में ग्रीष्मकालीन और शरद ऋतु दोनों प्रकार के खेल होते हैं जोकि 1988 के ग्रीष्मकालीन सियोल (साउथ कोरिया) खेलों से प्रारंभ हुए थे सभी तरह के पैरालंपिक खेल अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति(IPC) द्वारा संचालित किए जाते हैं प्रथम शरद ऋतु के पैरालंपिक खेल 1876 में स्वीडन में आयोजित किए गए थे यह प्रथम पैरालंपिक खेल थे जिनमें बहु श्रेणियों के दिव्यांग एथलीटों ने भाग लिया शरद ऋतु के खेल उसी वर्ष खेले जाते हैं जिस वर्ष ग्रीष्म काल के खेल खेले जाते हैं पैरालंपिक खेल योग्यता के बारे में हैं ने की अयोग्यता के बारे में पैरालंपिक खेलों में भाग लेने वाले एथलीटों की संख्या रोम में 1960 के खेलों में 400 थी जो कि बीजिंग के 2008 के खेलों में बढ़कर 3900 हो गई पैरालंपिक खेलों के प्रभुत्व में आने से पहले शारीरिक रूप से दिव्यांग एथलीट्स ओलंपिक खेलों में भाग लेते थे प्रथम अधिकारिक पैरालंपिक खेल 1960 में रोम में खेले गए जिनमें 23 देशों से 400 एथलीटों ने भाग लिया यह खेल सबसे पहले केवल व्हीलचेयर वाले एथलीटों के लिए ही होते थे अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (आईपीसी )ने 10 दिव्यांग श्रेणियां स्थापित की हैं जिनमें शारीरिक, बौद्धिक तथा दृष्टि संबंधी क्षीणता शामिल है

शारीरिक सहन क्षमता के रूप में क्षीण एथलीट पैरालंपिक खेलों में भाग ले सकता हैं (1)शारीरिक क्षीणता
शारीरिक क्षीणता आठ प्रकार की बताई गई है(1) छोटी टांगे छोटा कद धड़ और बाजू के कारण स्टैंडिंग ऊंचाई कम होती है (2) आक्रामकता की कमी (3) टांगो की लंबाई में अंतर महत्वपूर्ण हड्डी का छोटा होना टांगो की लंबाई में अंतर पैदा कर सकता है(4)शरीर की मांसपेशियों का ठीक प्रकार से काम न करना इस तरह की क्षीणता मांसपेशियों की गतिशीलता में सामान्य न होने से होती है(5) गति के पैसिव रेंज छिन होना इस प्रकार की क्षीणता एक या एक से अधिक जोड़ों की गति के विस्तार में एक क्रमबद्ध रूप से कमी आने से होती है (6)मांसपेशियां शक्ति का क्षीण होना इस प्रकार की क्षीणता से मांसपेशियों द्वारा लगाए गए बल में कमी आती है(7)मांसपेशियों में कठोरता आना मांसपेशियों में कठोरता के कारण भी यह विकृति क्षीणता हो सकती है(8) वलन इस प्रकार की क्षीणता से आसन बनाने में कठिनाई होना तथा मांसपेशियों में कलन पड़ने लगता है (।।)बौद्धिक क्षमता
एथलीटों में इस प्रकार की चिंता बौद्धिक क्रियाकलापों में महत्वपूर्ण विकृति के कारण होती है अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा मान्यता प्राप्त स्पेशल ओलंपिक खेल बौद्धिक रूप से दिव्यांग सभी लोगों के लिए खुले हैं पैरालंपिक खेलों के अंतर्गत ग्रीष्मकालीन तथा शरद ऋतु दोनों प्रकार के खेल होते हैं ग्रीष्मकालीन पैरालंपिक खेलों के अंतर्गत 22 खेल आते हैं तथा शरद ऋतु के खेलों में पांच 5 पैरालंपिक खेल आते हैं

मेरठ मंडल का पैरा ओलंपिक खेलों में विशेष योगदान है इन खेलों के अंतर्गत सिकरी कला मोदीनगर निवासी स्वर्गीय यादवेंद्र वशिष्ट को अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया था साथ ही ग्राम मछरी निवासी डॉ. सतपाल सिंह को पैरा ओलंपिक खिलाड़ियों के प्रशिक्षण व पैरा ओलंपिक पदक विजेता बनाने में विशेष योगदान के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था राष्ट्रीय खिलाड़ी भाला फेंक व आयुध निर्माणी में कार्यरत कृष्ण पालीवाल द्वारा प्रशिक्षित पैरा एथलीट टोक्यो ओलंपिक में भाग ले रहे हैं अन्य कई एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए एमएम डिग्री कॉलेज मोदीनगर के मैदान में सुबह शाम कठोर परिश्रम करते नजर आते हैं और इन सभी को तैयार करने वाले महागुरु डॉ. श्यामसुंदर सुरी जो वर्तमान में जनहित कॉलेज में शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष हैं अपना आशीर्वाद बनाए हुए हैं

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