एक्सप्रेसवे पर उतार-चढ़ाव की मांग पर प्रशासन ने दिया आश्वासन
मोदीनगर : मोदीनगर के गांव तहलेटा में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर उतार-चढ़ाव की मांग को लेकर चल रहा किसानों का धरना प्रशासनिक अधिकारियाें के आश्वासन पर स्थगित हो गया। यह धरना पिछले 27 दिनों से जारी था। इस दौरान भाकियू से गौरव टिकैत भी किसानों के बीच पहुंचे थे। अधिकारियों ने एक महीने के अंदर एनएचएआई अधिकारियों से वार्ता कर समस्याओं के समाधान कराने का आश्वासन दिया। तब जाकर किसान शांत हुए और धरने से उठे। किसान तलहैटा के पास एक्सप्रेस-वे पर उतार चढ़ाव के लिए रास्ते की मांग को लेकर पिछले 27 दिन से धरने पर थे। जिसमें तलहैटा, मुरादाबाद, सैदपुर, चुड़ियाला, भंडौला, डीलना, हुसैनपुर समेत 18 गांवों के किसान हिस्सा ले रहे थे। यहां निर्माण कार्य को बंद कराया गया था। टैंट लगाकर धरना जारी था। बृहस्पतिवार को यहां पंचायत हुई, जिसमें भाकियू से गौरव टिकैत भी पहुंचे। उन्हाेंने किसानों से वार्ता कर आंदाेलन को तेज करने की रूपरेखा तैयार की। कुछ ही देर में एडीएम, एसडीएम मोदीनगर धरनास्थल पर पहुंचे और किसानों से वार्त की। अधिकारियाें व पदाधिकारियों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। किसानों ने कहा कि इतने दिन से यहां धरने पर हैं, लेकिन किसी अधिकारी ने यहां अाने की जरूरत नहीं समझी। काफी देर तक वहां गहमागहमी चली। इसपर अधिकारियों ने एनएचएआई अधिकारियों से वार्ता कर समाधान कराने का भरोसा दिया। तब जाकर किसान शांत हुए और धरना स्थगित किया। किसानों ने कहा यदि मांग पूरी नहीं हुई तो फिर से धरना शुरू कर दिया जाएगा। इस मौके पर कुलदीप त्यागी, दीपक, गौरव, उमेश, अरुण कुमार, सोनू, राजन, निशांत, मुन्नू, हर्ष आदि उपस्थित रहे।
