Modinagar । तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के शुक्रवार सुबह जब यह जानकारी क्षेत्रीय किसानों को लगी कि  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की बात कही है, तो वे खुशी से झूम उठे। जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई।
मोदीनगर तहसील के निवाड़ी, पतला, सारा, खंजरपुर सहित दर्जनों  किसनों वे भाकियू के पदाधिकारियों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। बताते चले कि तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में सैकड़ों प्रदर्शनकारी यूपी गेट पर दिल्ली जाने वाले दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस- वे व एनएच-9 की सभी लेन को बंद कर 28 नवंबर 2020 से प्रदर्शनकारी किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। 19 नंबवर को गुरु नानक देव का जन्म उत्सव मना रहे लोगों, व किसानों की खुशी दोगुनी हो गई। क्षेत्र के किसानों ने मिठाई बाटकर खुशी का इजहार किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापिस लेने पर विभिन्न संगठनों ने इसे किसानों की जीत बताया है। रालोद नेता अरुण दहिया, सतेंद्र तोमर, रामभरोसे लाल मौर्य, अजित सिंह, मनोज दहिया, ललित सैन, वरुण दहिया, प्रवीन नेहरा, दीपक नेहरा, संजय, अनुज चैधरी, तरुण चैधरी, दीपक शर्मा, ओम, तेजपाल सिंह, अविराज  आदि  ने इसे किसान भाइयों की जीत बताते हुए किसान मोर्चे के नेताओं को शुभकामनाएं दी है। उन्होंने भारत सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने की मांग की है । गन्ना विकास परिषद मोदीनगर के चेयरमैन अमरजीत बिड्डी ने इसे किसानों की जीत बताया है। नगर पंचायत निवाड़ी में भाकियू के मेरठ मंडल के उपाध्यक्ष सतेंद्र त्यागी के नेतृत्व में जिला अध्यक्ष, चैधरी बिजेंद्र सिंह, जिला प्रभारी जयकुमार मलिक, तहसील उपाध्यक्षए पप्पी नेहरा, ब्लाक उपाध्यक्ष विनित त्यागी, मनोज त्यागी, पूर्व प्रधान सौदा गौरव काकडा,, संदीप खीमावती, संजीव यादव, सुठारी, सतेन्द्र कुमार रिंकु, संदीप त्यागी, आनंद त्यागी काकडा, रिंकू त्यागी सौंदा, चेतन त्यागी, सुनील चैधरी अबूपुर, अनुज शर्मा सीकरीकला, मुलेंदेर सिंह, संजीव यादव, गौरव त्यागी, व कपिल काकड़ा आदि ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। सपा नेता बबली गुर्जर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आखिर  700 किसानों की शहादत का जिम्मेदार कौन है। कृषि कानूनों का वापस होना किसानों की जीत है। खंजरपुर से प्रेम चैधरी का कहना हैे कि बॉर्डर पर शहीद हुए किसानों के लिए यह एक सच्ची श्रद्धांजलि है।

Disha Bhoomi
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