Modinagar : साहित्य मंच की ओर से एक काव्य गोष्ठी का आयोजन सोना एनक्लेव में किया गया। अमित अरोड़ा की माता श्रीमती चंद्र मोहिनी अरोडा की छत्र-छाया में आयोजित इस काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष रामकुमार गुप्ता सौमित्र ने की व संचालन अमित अरोड़ा ने किया।
गोष्ठी में मोदीनगर के अलावा मेरठ व गाजियाबाद के भी अनेक कवियों व कवित्रियों ने भाग लिया। कवि योगेश समदर्शी ने कहा कि-आँगन में तुलसी के पौधे बिना सूना सूना। घर की तो शोभा पौधे काँटेदार हो गए। गांव खंजरपुर से पधारे युवा कवि भरत भूषण खंजरपूरिया ने अपने अंदाज में काव्य पाठ करते सब को मंत्रमुग्ध किया। जिनके सर पर स्वर्ण मुकुट है हुई उन्हें भी जलन यहाँ, मेरी ऊँगली में जब देखी एक अँगूठी चाँदी की। राम कुमार गुप्ता सौमित्र ने कुछ इस प्रकार रचना पढ़ी प्रेम के प्यासे दिलों पर करो ना व्रजघात यारों। दिल बड़ा नाजुक जरा सी ठेस से भी टूटता है। दरयाव सिंह राजपूत ब्रजकन ने ब्रज की छटा बिखेरते हुए काव्य पाठ किया। कार्यक्रम में शिरकत करने वालो में वरिष्ठ पत्रकार सच्चिदानंद पंत, शेखर पंत, पूर्व चेयरमैन रामआसरे शर्मा, अनिल बंसल, राजढींगरा, प्रदीप त्यागी, सुभाष त्यागी, सुधा सिंह आदि मौजूद रहें।
