मोदीनगर। जीडीए के अधिकारियों की लापरवाही का अगर जीता जागता उदाहरण किसी को देखना है तो वह मोदीनगर में देखा जा सकता है। यंहा हजारों की संख्या में अवैध बिल्ड़िगों का निर्माण प्राधिकरण से बिना मानचित्र स्वीकृत कराएं सुलभ तरीके से किया जा सकता है, बस आपको करना क्या है कि जीडीए के अधिकारियों से बस तालमेल करनी होगी ओर आपका काम सुलभ हो जायेंगा।
आईयें अब बात करते है यंहा हो रहे एक ऐसे निर्माण की जिसकी लागत की अगर बात की जाएं तो करोड़ों में है, इस निर्माण से जीडीए प्रशासन को करोडों के राजस्व की हानि होने से इंकार नही किया जा सकता है। शहर के मध्य मुख्य मार्ग स्थित नई जैन स्वीट्स के बराबर व दुल्हन बैंकटहाल के निकट, बिना मानचित्र स्वीकृत कराएं भव्य इमारत व बड़ें स्तर पर मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा साथ ही विभिन्न काॅलोनियों व व्यवसायिक क्षेत्रों में बिल्डरों द्वारा करोड़ों की लागत से बेसमेंट व दुकानों का निर्माण भी हो रहा है। जिस स्थान पर इस अवैध बिल्ड़िग का निर्माण हो रहा है, वहा से प्रतिदिन दर्जनों जीडीए के अधिकारीयों से लेकर कर्मचारी तक होकर गुजरते है, लेकिन लगता है या तो उनका ध्यान इस ओर नही जा रहा है या फिर सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए है। यह कोई नई बात नही है, जीडीए का एक स्थानीय कार्यालय भी यंहा स्थापित है, जिसमें प्राधिकरण के अवर अभियंता से लेकर कई कर्मचारी, लिपिक आदि विराजमान रहते है, लेकिन बाबजूद इसके मोदीनगर अवैध बिल्ड़िगों व काॅलोनियों का गढ़ बनता जा रहा है। इस संबन्ध में जब स्थानीय जीडीए अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया जाता है तो वह कुछ भी बोलने से इंकार करते है। तहसीलदार श्रीप्रकाश सिंह कहते है कि अवैध काॅलोनियों व निर्माण पर सख्त कार्रवाही की जायेंगी।
