गाजियाबाद। करीब साढ़े तीन महीने के बाद शनिवार को बाजार खोलने की अनुमति मिलने से व्यापारियों के चेहरे खिले उठे। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सप्ताह के अंतिम दिन खरीदारी के लिहाज से अहम होते हैं। खासकर नौकरीपेशा लोग शनिवार और रविवार को ही अपने घर के काम निपटाते हैं। अब शनिवार को बाजार खोलने की अनुमति मिलने से जिले में करीब 130 से 150 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कारोबार होने की उम्मीद है। इसमें सबसे बड़ा लाभ लोहा मंडी को होगा। उसके बाद किराना, कपड़ा, फर्नीचर, ज्वेलरी व अन्य बाजारों का नंबर आता है।
सबसे पहले मोदीनगर और उसके बाद मुरादनगर के व्यापारियों ने साप्ताहिक बंदी का एलान किया था। लेकिन सप्ताह के दो दिन साप्ताहिक बंदी जारी रखी।
खासकर साहिबाबाद व दिल्ली से सटे कारोबारियों का कहना था कि दिल्ली में साप्ताहिक बंदी लागू नहीं है। सामान्य तौर पर नौकरीपेशा लोगों इन्हीं दो दिनों में घर के लिए सामान खरीदते हैं। इससे स्थानीय व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। इसको लेकर कई बार डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी दिया। उनका कहना है कि अब त्योहार की सीजन चल रहा है। इससे बाजार में खरीदार आएंगे, बाजार खुलने के करीब 65 दिन बाद शनिवार को भी व्यापार की अनुमित मिली है। इससे बाजार में अधिक संख्या में खरीदी होने का अनुमान हैं। मोटे तौर पर अनुमान है कि सभी तरह के बाजारों को जोड़कर देखा जाए तो करीब 150 करोड़ रुपये तक का कारोबार हो सकता है। हम लंबे समय से मांग कर रहे थे कि शनिवार और रविवार को बाजार खोलने की अनुमति मिले। क्योंकि इन्हीं दो दिनों में अधिक खरीदारी होती है। साथ ही त्योहार के दिनों में बाजार में ज्यादा खरीदार आते हैं। अब शनिवार की अनुमति मिलने से बड़ा लाभ होने का अनुमान हैं। खासकर व्यापारियों कोरोना कर्फ्यू में हुए नुकसान की भरपाई करने में मदद मिलेगी। त्योहार के मद्देनजर शनिवार को बाजार खोलने की अनुमति दिया जाना सराहनीय कदम है। अभी तक व्यापारी शनिवार और रविवार को दिल्ली खरीदारी करने जाते थे, लेकिन अब उन्हें स्थानीय स्तर पर बाजार खुला मिलेगा तो वो यहीं पर खरीदारी करेंगे। इससे व्यापारियों को बड़ी संख्या में ग्राहक मिलने की उम्मीद है।
