मोदीनगर कोतवाली क्षेत्र की बैंक कॉलोनी में फर्म के दस्तावेजों में हेराफेरी कर करोड़ो की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि यह रकम अपने रिश्तेदारों व परिचित के खातों में भेजी गई। अब आरोपी रकम लौटाने से इनकार कर रहा है। पीड़ित ने मामले की शिकायत डीसीपी ग्रामीण से की। उनके आदेश पर मोदीनगर थाने में तीन आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है। मोदीनगर की बैंक कालोनी के अर्पित मोदी के मुताबिक, उनका आक्सीजन सिलेंडर का व्यापार है। छह साल उन्होंने बैटरी के व्यापार के लिए फर्म तैयार की। जिसमें राेहित गुप्ता के साथ साझेदारी की गई। उन्होंने विश्वास में आकर रोहित को बैंक पासबुक, चेक बुक आदि भी उपलब्ध करा दी। उनके मुताबिक, कुछ समय पहले उन्हें लेनदेन में गलती मिली। इसपर उन्होंने सीए से जांच कराई। तब सामने आया कि दस्तावेजों में हेरफेर कर रोहित ने अपने स्वजन संग मिलकर 1.15 करोड़ की हेराफेरी कर दी है। साक्ष्य जुटाकर वे रोहित के पास पहुंचे लेकिन रोहित ने रुपये लौटाने से मना कर दिया। वे रोहित से लगातार तगादा कर रहे हैं। लेकिन वह रुपये नहीं लौटा रहा है। परेशान आकर उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने एंटी फ्रांड सेल से जांच कराकर केस दर्ज कर लिया। एसीपी मोदीनगर ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित रिवर हाईटस सोसाइटी के रोहित गुप्ता, प्रियंका व कमलेश गुप्ता पर केस दर्ज किया गया है। छानबीन की जा रही है। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
