पशु तस्करों से हुई लोनी बॉर्डर पुलिस की मुठभेड़ सवालों के घेरे में है। घायल तस्करों के परिजन शुक्रवार को उनसे मिलने जेल गए तो मुठभेड़ का एक और झोल सामने आया है। नाबालिग बताए जा रहे आसिफ ने बताया कि गोदाम में घुसते ही पुलिस ने पकड़कर गोली मारनी शुरू कर दी। उसने व सलमान ने पुलिसकर्मियों के पैरों में गिरकर मिन्नतें कीं, लेकिन उन्होंने एक न सुनी और उन्हें खड़ा करके पैर में गोली मार दी।
लोनी बॉर्डर पुलिस के मुताबिक 11 नवंबर की सुबह बेहटा हाजीपुर स्थित गोदाम में गोकशी की सूचना मिली। गोदाम मालिक ने आदिल ने ही इस संबंध में सूचना दी थी। पुलिस आदिल को लेकर गोदाम पर पहुंची तो वहां पशुओं का कटान होता मिला। पुलिस का कहना है कि तस्करों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बदले में पुलिस ने भी गोली चलाई। पैर में पुलिस की गोली लगने से मुस्तकीम निवासी इकराम नगर, सलमान निवासी लक्ष्मी गार्डन, मोनू निवासी नईपुरा, इंतजार व आसिफ निवासी अशोक विहार, नाजिम निवासी जनता कॉलोनी दिल्ली व बोलर निवासी प्रेम नगर कॉलोनी लोनी घायल हो गए। जबकि मौके से भूरा व दानिश समेत तीन तस्कर फरार होने में कामयाब हो गए।
आरोपी बोले-सबको पकड़-पकड़कर मारी गोली
आसिफ की बुआ सरवरी ने बताया कि वह शुक्रवार को जेल गई थी। आसिफ को वॉकर और शौचालय के लिए कुर्सी देनी थी। वहां आसिफ ने बताया कि वह गोदाम में ड्रम धो रहे थे। एकाएक पहुंची पुलिस ने गोदाम में मौजूद लोगों को पकड़-पकड़कर गोली मारनी शुरू कर दी। आसिफ ने बताया कि वह और सलमान पुलिसकर्मियों के पैरों में गिर पड़े और गोली न मारने की गुहार लगाई। इसके बावजूद उन्हें खड़ा करके पैर में गोली मार दी गई। जिसको गोली लगती रही, वह बेहोश होकर गिरता रहा।
