Ghaziabad : दिल्ली निवासी कंस्ट्रक्शन कारोबारी यौवन शर्मा ने कंपनी के एनआरआई डायरेक्टर पर उनके शेयर बेचकर 10 करोड़ की चपत लगाने का आरोप लगाया है। आरोप है कि कनाडा निवासी डायरेक्टर गुरचरण सिंह लाऊ ने ऑडिट के बहाने उनके शेयर के दस्तावेज लिए और फर्जी हस्ताक्षर कर किसी और को बेच दिए। एंटी फ्रॉड सेल की जांच केबाद नंदग्राम पुलिस ने डायरेक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया है।
सूरज अपार्टमेंट सूरजपुर, नई दिल्ली निवासी यौवन शर्मा कंस्ट्रक्शन कारोबारी हैं। उनके यहां अरविंद कुमार महिंद्रा किराए पर रहते थे। वह कनाडा निवासी एनआरआई गुरचरण सिंह लाऊ की कंपनी लैंडरश एस्टेट इंडिया प्रा.लि. कंपनी में पार्टनर थे। एक दिन अरविंद सिंह महिंद्रा ने कहा कि उन्होंने बागपत में 30 एकड़ जमीन का सौदा किया है। 50 लाख का बयाना दे दिया गया है, लेकिन बाकी रकम की व्यवस्था न होने के कारण उसकी रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। उन्होंने 50 लाख डूबने की बात कहते हुए जमीन की खरीद-फरोख्त में शामिल होने की बात कही।
कंपनी में शेयर होल्डर बनाकर दिया झांसा
यौवन शर्मा का कहना है कि अरविंद कुमार के जरिये ही उनकी मुलाकात एनआरआई गुरचरण सिंह लाऊ से हुई, जो अस्थायी तौर पर राजनगर एक्सटेंशन की रिवर हाईट्स सोसायटी में रहते थे। गुरचरण सिंह लाऊ ने जमीन का बैनामा उनके नाम कराने की बात कही तो ढाई करोड़ रुपये चेक के जरिए दे दिए। बाद में कानूनी प्रक्रिया बताते हुए बैनामा कंपनी के नाम कर दिया गया। इसके बाद उन्हें कंपनी में 25 फीसदी के शेयर धारक बना दिया गया।
फर्जी हस्ताक्षर कर किसी और को बेच दिए शेयर
यौवन शर्मा के मुताबिक 25 सितंबर 2021 को ऑडिट करने के बहाने गुरचरण सिंह ने उनके शेयर के दस्तावेज मंगा लिए और तगादा करने पर भी नहीं लौटाए। बाद में पता चला कि गुरचरण सिंह लाऊ ने उनके फर्जी हस्ताक्षर कर शेयर किसी अन्य को बेच दिए हैं। यौवन शर्मा का कहना है कि कंपनी में 25 फीसदी हिस्सेदारी होने के कारण 40 करोड़ की जमीन में उन्हें 10 करोड़ रुपये मिलते, जो हड़प लिए गए।
