- पैदल यात्रा निकालकर तहसील पहुंचे भाकियू पदाधिकारी, जमकर किया हंगामा
मोदीनगर 11 दिन बाद भी किसानों की सात सूत्रीय मांगों को लेकर गंभीरता नहीं बरतने से गुस्साए भारतीय किसान यूनियन किसान सभा के पदाधिकारियों ने मोदीनगर तहसील में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। 17 जनवरी काे भाकियू पदाधिकारियों ने अधिकारियों को ज्ञापन दिया था। लेकिन किसी भी शिकायत का समाधान नहीं हुआ। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब तक धरना जारी रहेगा। सुबह करीब 12 बजे सभी पदाधिकारी मोदीनगर में राजचौपले पर एकत्र हुए थे। 300 से अधिक पदाधिकारी ट्रैक्टर-ट्राली से वहां पहुंचे। इसके बाद पैदल यात्रा शुरू की।
सुरक्षा को लेकर पुलिस बल यात्रा के साथ रहा। पदाधिकारी पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मोदीनगर तहसील पहुंच गए। उन्होंने ट्रैक्टर तहसील परिसर में खड़े कर दिये। इसके बाद दरी डालकर तहसील में धरना शुरू कर दिया। पदाधिकारियों ने कहा कि शुगर मिल गन्ने का भुगतान नहीं कर रही है। किसानों को झूठे मुचलकों में पाबंद किया जा रहा है। खसरा, खतौनी में अंश गलत किये जा रहे हैं, जिन्हें सही कराने के नाम पर किसानों से शुल्क लिया जा रहा है। बिजली विभाग के अधिकारियों पर भी उन्होंने छापेमारी के नाम पर किसानों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। इसके अलावा आवारा पशुओं की समस्या के समाधान की भी मांग की। कहा आवारा पशु खेत में फसलों को नष्ट कर रहे हैं। जिससे किसानों को मोटा नुकसान झेलना पड़ रहा है। हंगामे की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात रहा। उधर, पैदल यात्रा के चलते दिल्ली-मेरठ मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई। वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। खबर लिखे जाने तक किसान तहसील में ही धरने पर ही बैठे रहे। कोई अधिकारी उनसे वार्ता करने नहीं पहुंचा। इस मौके पर सतेंद्र त्यागी, देवव्रत धामा, विनीत त्यागी, अखिल, हैप्पी त्यागी, अरूण कसाना, इरफान, गौरव त्यागी, आशु त्यागी, शैंकी त्यागी, शाहनवाज, हरेंद्र राठी, गौरव शर्मा, दुष्यंत त्यागी, अमित, रजनीश, उपदेश आदि उपस्थित रहे।
