ghaziabad । जिला क्षय रोग केंद्र पर इलाज के दौरान उस समय अफरातफरी मच गई, जब इलाज के लिए पहुंचे परिजनों ने डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार करते हुए पिटाई कर दी। परिजनों का आरोप था कि डॉक्टर ने बेहोश युवती को चांटा मार दिया। डॉक्टर का कहना है कि बेहोश मरीज को थपकी देकर होश में लाने का प्रयास किया जा रहा था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने हंगामा किया, इसके बाद इमरजेंसी में भर्ती किया गया, अस्पताल पहुंचने के दो घंटे बाद इलाज मिल सका। डॉक्टर ने मारपीट व गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए दो लोगों के खिलाफ घंटाघर कोतवाली में तहरीर दी है।
पटेल नगर निवासी ममता ने बताया कि उनकी बहन आंचल का निजी अस्पताल में टीबी का इलाज चल रहा था। सोमवार को अचानक सांस लेने में परेशानी होनेे लगी तो परिजन उसे पुराना बस अड्डा स्थित संतोष अस्पताल ले गए। वहां से उसे जिला एमएमजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। परिजन अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज कराने पहुंचे। वहां पर डॉक्टर ने जांच के बाद कहा कि टीबी अस्पताल में ले जाइए। टीबी अस्पताल में ले जाने पर व्हील चेयर की मांग की गई। आरोप है कि वहां पर स्टाफ ने कहा पहले आधार कार्ड जमा कराइए।
नशे की हालत में लगाया पिटाई का आरोप
ममता का आरोप था कि टीबी वार्ड में मौजूद डॉक्टर नशे की हालत में था। मरीज को जब डॉक्टर के पास ले गए तो डॉक्टर ने मरीज को दो तीन चांटे मारे। परिजनों द्वारा चांटे मारने का विरोध किया गया तो आरोप है कि डॉक्टर ने मरीज को अस्पताल से ले जाने को बोल दिया।
