Disha Bhoomi

Modinagar दिल्ली- मेरठ मार्ग पर प्रत्येक दिन कांवड़ियों की कतारें बढ़ती जा रही है। शिवभक्त जख्मी पैरों से जय भोले, बम भोले की जयकारा के साथ अपने गंतव्य की ओर तेजी से बढ़ रहंे हैं।
राजस्थान के जांेधापुर के कांवड़ियो का एक जत्था मुगलवार को दिल्ली- मेरठ हाइवे से होता हुआ गुजरा। जत्था के प्रमुख ब्रजमोहन लाल, हीरा सिंह, सोनू भारती, तेजा, सुनील ने बताया कि 20.20 भोले के भक्तों का उनका एक समूह है। 14 जुलाई को उन्होंने हरिद्वार से पवित्र गंगाजल उठाया था। जत्थे की खास बात यह है कि वह कांवड़ को झुलाते नहीं हैं, न ही जमीन में रखते हैं। 24 घंटे कांवड़ कंधे पर ही रहती है। इसके लिए आठ-आठ घंटे की जिम्मेदारी प्रत्येक भोले को सौंपी गई है। 25 जुलाई तक उनका जोधपुर पहुंचने का लक्ष्य है। 26 जुलाई को वह संयुक्त रूप से अपने क्षेत्र के शिवालय में भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करेंगे। हाइवे से गुजर रहे कावड़ियों ने कहा कि कभी वर्षा तो कभी तेज धूप होने से शिव भक्तों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। कई भक्तों को तेज बुखार, सिर दर्द, खांसी, नजला, जुकाम की शिकायतें हो रही हैं। उनका उपचार शिविरों में यथा संभव किया जा रहा है। कावड़ियों की सुविधा के चलते हाइवे पर स्थित कई कटों को बंद कर दिया गया है। कांवड़ियों की संख्या मंगलवार से हाईवे पर भी बढ़ गई है। अनुमान है कि मंगलवार की देर रात्री तक 50 हजार से अधिक कांवड़िये सीमा में प्रवेश करेंगे। उसी को देखते हुए पुलिस प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। गंग नहर पटरी मार्ग पर जहां तीन दिन पहले ही वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई थी। हाईवे पर भी भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। कावड़ लेने जा रहे एक कावड़िए की सड़क हादसे में मौत होने की घटना को भी अधिकारी गंभीरता से ले रहे हैं। एसडीएम शुभांगी शुक्ला का कहना है कि प्रशासनिक शिविर राज चौपला के पास शुरू हो गया है। ट्रैफिक वन-वे कराने को लेकर उच्चाधिकारियों से वार्ता की जा रही है। हाइवे पर भी जगह-जगह हुए गड्ढों को बारीक मिट्टी से भरवाया जा रहा है। एसडीएम शुभांगी शुक्ला ने बताया कि कांवड़ियो को किसी प्रकार की समस्या उत्पन नहीं होने दी जायेगी। शिविरों में जाकर भी कांवड़ियों की परेशानियों को पूछा जा रहा है। कावड़ियों की सुविधा के लियें नगर पालिका व प्रशासनिक स्तर पर राज चौराह पर प्रशासनिक शिविर की स्थापना कर दी गई है। जिसमें चिकित्सा सुविधा के साथ ही अन्य सुविधाएं भी कावड़ियों को सुलभ ही उपलब्ध है।

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