Disha Bhoomi

Modinagar पुलिस व एक हिस्ट्रीशीटर के उत्पीड़न से परेशान लोगों द्वारा पलायन को मजबूर होने का मामला अब तेजी से तूल पकड़ सकता है। पुलिस अधिकारी भी प्रकरण की गंभीरता को भांप रहे हैं। तभी तो सीओ मोदीनगर ने गांव में जाकर रविवार को लोगों के बयान दर्ज किए। पुलिस पल.पल की अपडेट गांव से ले रही है। प्रकरण में निवाड़ी थाने के कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका भी सामने आ रही है। हालांकि कोई अधिकारी इस पर बोलने को तैयार नहीं है। लोगों के मुताबिकए पुलिस अब उन पर समझौते के लिए दबाव बना रही है। रविवार को भी रातभर पुलिस गांव सारा में ही रहकर लोगों के मान मनौव्वल में लगी रही। पुलिस के दखल पर घर में लगे पलायन के नोटिस भी हटाए गए। लोगों ने गांव में सोमवार को प्रदर्शन किया। जिम्मेदारों पर कार्यवाई के बाद ही शांत बैठने की चेतावनी दी। प्रकरण के बाद यह तो साफ है कि पुलिस की हिस्ट्रीशीटर से मिलीभगत है।
बताते चले कि करीब पन्द्रह दिन पूर्व निवाड़ी थानान्तर्गत गांव सारा में गोकशी हुई थी। जिसमें मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया था। लोगों का आरोप है कि गांव निवासी एक हिस्ट्रीशीटर की शह पर पुलिस ने युवाओं को हिरासत में लिया। जब युवाओं के परिजनों ने रिश्वत देने से मना किया तो युवाओं को हवालात में रखकर पीटा गया। बाद में 25.25 हजार रुपये लेकर छोड़ा गया। अब कुछ दिन पहले हिस्ट्रीशीटर फिर युवाओं को पुलिस से उठवाने की धमकी देने लगा। इससे परेशान होकर सारा गांव के कामिल, शौकीन, सलीम, इस्तेखार, सानिद, यामीन, राहिल, समेत दर्जनभर से अधिक लोगों ने रविवार को अपने घर पर पलायन का नोटिस चस्पा कर दिया। कुछ लोग तो सामान बांधकर गांव से जाने भी लगे थे। इससे दो दिन पूर्व पीड़ित परिजनों ने ग्रामीणों के संग तहसील पंहुचे एसडीएम शुभांगी शुक्ला को एक ज्ञापन सौंपते हुए सारे प्रकरण की जांच कराकर दोषियों के विरूद्व कार्यवाही की मांग की थी। इस संबन्ध में सीओ मोदीनगर सुनील कुमार सिंह का कहना है कि गांव में जाकर लोगों के बयान लिए गए हैं। जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाई का आश्वासन मिलने पर लोग शांत हुए और खुद ही नोटिस घर से हटा दिए। फिलहाल तमाम बिदुओं पर मामले की जांच शुरू कर दी है। जिसकी भी भूमिका सामने आएगीए उसके विरूद्व कठोर कार्यवाही की जायेंगी।

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