Disha Bhoomi

Ghaziabad टीला मोड़ थाना क्षेत्र गांव पसौंडा में शिव मंदिर के पास जसवंत शर्मा (75) का एक करोड़ कीमत का मकान है। इसमें वह अपने परिवार के साथ रहते थे। मकान के अंदर कई गोदाम बने हुए थे। एक दुकान किराए पर थी। इसी से घर का खर्च चलता था।
उनके दो बेटे थे। दोनों बेटों की शादी हो गई थी। बड़े बेटे की शादी करीब 20 साल पहले हुई थी। वह कपड़े की दुकान पर काम करता था। 7 महीने पहले बीमारी से उसकी मौत हो गई थी। उसके दो बेटे थे। जसवंत शर्मा के साथ बड़ी बहू और छोटे बेटे का परिवार रहता था। 15 जुलाई की रात कुछ बदमाशों ने जसवंत शर्मा के घर में हाथ-पैर बांधने के बाद गला दबाकर हत्या कर दी।
हत्या से पहले घर में की थी लूटपाट
बराबर वाले कमरे से करीब साढ़े 7 हजार रुपए कैश और एक लाख रुपए के जेवरात भी लूट लिए। उसके बाद मृतक की बहू कविता के भी हाथ-पैर बांधकर बदमाश फरार हो गए। घटना के समय बड़ी बहू और उसका एक बेटा घर के अंदर मौजूद थे। जबकि दूसरा बेटा अपने चाचा के साथ धार्मिक यात्रा पर गया था।
मृतक के छोटे बेटे पंकज शर्मा ने अपनी भाभी कविता पर हत्या का शक जाहिर करते हुए एफआईआर कराई थी। पुलिस को भी शुरुआत से कविता पर शक था।
बहू इस केस की प्राइम सस्पेक्ट थी
कविता पर शक जाने की कुछ वजहें भी थी। उसके हाथ-पैर पीछे से बंधे हुए थे। उसका कहना था कि जब वह सोकर उठी तो हाथ-पैर बंधे मिले। पुलिस के मुताबिक, सोते वक्त पीछे की तरफ से हाथ नहीं बांधे जा सकते। यदि बांधे भी जाते तो निश्चित रूप से कविता नींद से जाग जाती। इसके अलावा बदमाशों के पास अलमारी की चाभी कहां से आई? मुख्य गेट के अलावा अन्य कोई रास्ता घर में घुसने का नहीं था तो फिर बदमाश कैसे घुसे? इन सब बातों के चलते कविता शुरू से इस केस की प्राइम सस्पेक्ट थी। पुलिस को इस केस में सबसे बड़ी लीड तब मिली, जब कविता के कमरे से एक मोबाइल सिम मिला। पुलिस ने इसे चालू किया और सीडीआर (कॉल डिटेल रिपोर्ट) निकाली तो पता चला कि वारदात वाली रात ये सिम चालू था और एक मोबाइल नंबर पर लगातार बातचीत भी हुई थी। इसी के सहारे पुलिस ने पूरा केस खोल दिया।
मेरठ के रहने वाले हैं सभी आरोपी
एसपी सिटी (सेकेंड) ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि इस हत्याकांड में रविवार को मृतक की बहू कविता समेत इरशाद, मोहम्मद नौशाद और साजिद को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी मेरठ में लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। इनसे लूटे गए जेवरात, 5600 रुपए नगदी, बाइक और तीन मोबाइल बरामद हुए हैं। पांचवां आरोपी परवेज फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
दो साल पहले हुई थी टैक्सी ड्राइवर परवेज से मुलाकात
पूछताछ में कविता ने बताया, दो साल पहले उसकी मुलाकात टैक्सी ड्राइवर परवेज से हुई। परवेज किसी मामले में जेल चला गया तो उसका मोबाइल इरशाद के पास आ गया। इस मोबाइल में कविता का नंबर सेव था। इसके बाद कविता और इरशाद में बातचीत शुरू हो गई। इन दो साल में दोनों का कई स्थानों पर मिलना-जुलना भी हुआ। कविता के अनुसार, पति की मौत के बाद ससुर न तो खर्चा देता था और न ही प्रॉपर्टी में हिस्सेदारी दे रहा था। इधर, ईद मनाने के लिए इरशाद ने कविता से कुछ रुपए मांगे। कविता ने आइडिया दिया कि अगर वह उसका घर लूट ले और ससुर को मार दे तो कुछ पैसा मिल सकता है।
बहू ने खुद हत्यारे बुलाए और कराई वारदात
15 जुलाई को घटना वाले दिन कविता का देवर पंकज धार्मिक यात्रा पर परिवार सहित राजस्थान गया था। उसी रात 11 बजे कविता ने फोन करके इरशाद व उसके दोस्तों को बुला लिया।
अलमारी खोलते वक्त आवाज होने से कविता का ससुर जसवंत शर्मा जाग गया। जिस पर सभी ने मिलकर हाथ-पैर बांध दिए और पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद बराबर वाले कमरे से रुपए-जेवरात निकाले। सबसे आखिर में आरोपियों ने इसे सच्ची घटना का रूप देने के लिए कविता के हाथ-पैर बांध दिए और फरार हो गए।

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