Disha Bhoomi

Modinagarनगर पंचायत निवाड़ी के दस सभासदों ने अधिशासी अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सभासदों ने जिलाधिकारी को पत्र देकर अधिशासी अधिकारी पर कई गंभीर आरोप लगाए है। सभासदों का कहना है कि मच्छर का प्रकोप बढ़ने के बाद भी अभी तक फागिंग शुरू नहीं की गई और गंदा पानी तालाब में डाला जा रहा है।
कस्बा निवाड़ी में अधिशासी अधिकारी नीति गुप्ता व सभासदों का विवाद चरम पर पहुंच गया है। करीब तीन दिन पहले अधिशासी अधिकारी व सभासद राजेन्द्र त्यागी के बीच कार्यालय परिसर में ही काफी नोकझोंक हुई। इसके बाद सभासदों ने कस्बा निवाड़ी में एक बैठक का आयोजन किया। जिसमें 11सभासदों ने भाग लिया। सभासद राजेन्द्र त्यागी के नेतृत्व में सभासदों का एक प्रतिनिधिमंड़ल जिलाधिकारी राकेश सिंह से मिला और एक शिकायती पत्र दिया। शिकायती पत्र में लिखा है कि अधिशासी अधिकारी कई कई सप्ताह गायब रहती और कार्यालय नहीं आती है। इतना ही नहीं आम जनता व सभासदों के प्रति उनका व्यवहार ठीक नहीं है और अभद्रता करती है। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने कार्य दिवस में दोपहर बारह बजे तक कार्यालय में बैठकर जनता की समस्या सुनने का आदेश दे रखा है। दलित सभासद शीशपाल व पूनम जाटव ने पत्र में अधिशासी अधिकारी पर जातिसूचक शब्द प्रयोग किए जाने का आरोप लगाया है। सभासदों का आरोप है कि छह माह पहले वाटर कूलर खरीदे जा चुके है, लेकिन अभी तक कस्बे में नहीं लगाए गए है। सभासदों का आरोप है कि घर कचरा उठाने में सबसे ज्यादा भष्ट्राचार हो रहा है। नगर पंचायत फंड से प्रत्येक माह इस नाम पर साढे तीन लाख रुपये निकाले जाते है, लेकिन सड़क पर कचरा पड़ा रहता है। सभासदों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द अधिशासी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो सभी सभासद धरने पर बैठ जाएगे। पत्र पर सभासद पूनम, सविता, नेहा त्यागी, राजेन्द्र त्यागी, शीशपाल जाटव, आरती, अरुण त्यागी, राकेश त्यागी, विपिन आर्य व राजेन्द्र सिंह के हस्ताक्षर है। अधिशासी अधिकारी नीति गुप्ता का कहना है कि आरोप निराधार है। गलत व नियम विरुद्व कार्य कराए जाने का दबाव बनाया जाता है। जिसके चलते इस तरह का विरोध किया जा रहा है।

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