हर रंग का हेल्थ से खास कनेक्शन होता है और हर कलर आपके दिमाग पर असर डालता है. साइकॉलोजी के हिसाब से भी हर रंग का अलग इफेक्ट होता है. ऐसा ही केसरिया रंग के साथ भी है, जिसका दिमाग पर असर होता है. केसरिया रंग भी स्वास्थ्य पर असर डालता है और ये हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है. केसरिया रंग का हिंदू मान्यताओं के हिसाब और साइंस के हिसाब से खास महत्व है. तो आज हम जानने की कोशिशि करते हैं कि केसरिया रंग को लेकर विज्ञान क्या कहता है और ये आपकी हेल्थ क्या असर डालता है.

केसरिया रंग का शरीर पर असर?

अगर धार्मिक मान्यताओं के हिसाब से देखें तो केसरिया रंग दो चीजों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसमें सूर्यास्त और आग शामिल है. मान्यताओं के हिसाब से सूर्य और अग्नि को मानव जीवन के दो सबसे महत्वपूर्ण तत्व माने जाते हैं और इन्हें शक्तियां माना जाता है.  

साथ ही हिंदू मान्यताओं में जिन चक्रों की बात की जाती है, उसमें हर रंग की अलग कहानी है. सात चक्र में लाल, केसरिया/नारंगी, पीला, हरा, नीला, नील और बैंगनी रंग होते है. हर रंग का दिमाग पर अलग प्रभाव होता है और इन सभी का एक वैज्ञानिक कारण है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, चार चक्र में एक केसर चक्र है, जिसे स्वाधिष्ठान या त्रिक चक्र भी कहा जाता है. यह चक्र शरीर के ब्लैडर, किडनी, रिप्रोडक्टिव सिस्टम और यूरिनरी ब्लैडर से जुड़ा होता है. साथ ही इसका लगातार ध्यान केंद्रित करने से व्यक्ति के जीवन में मानसिक और शारीरिक स्तर पर कई तरह के लाभ मिल सकते हैं.

कहा जाता है कि इस रंग के पीछे विज्ञान है और इसमें काफी पावर मानी जाती है. केसरिया रंग मानसिक शांति प्रदान करता है और ये एनर्जी देने के साथ एक्टिव रखता है. लंबे समय से चली आ रही बीमारियां जैसे टीबी, बवासीर आदि को केसरिया कलर से ट्रीटमेंट से दूर किया जा सकता है. इसके अलावा ये दिमाग के लिए भी अच्छा माना जाता है. 

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