हाइलाइट्स

हिंदू समाज में दिशाशूल और पंचक का बड़ा ही महत्व है.
कई बार दिशाशूल या पंचक होने पर भी जरूरी कार्य से यात्रा करनी पड़ती है.
पंचक के समय में दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करते हैं.

Panchak Kaal: हिंदू समाज में दिशाशूल और पंचक का बड़ा ही महत्व है. जब भी कोई शुभ कार्य करना होता है, उसमें पंचक का विचार करते हैं. जब शुभ कार्य के लिए यात्रा करते हैं तो उस समय दिशाशूल का भी ध्यान रखा जाता है. दिशाशूल और पंचक के समय में यात्रा करना वर्जित माना गया है. हालांकि कई बार दिशाशूल या पंचक होने पर भी जरूरी कार्य से यात्रा करनी पड़ती है, उसके लिए ज्योतिष में कई उपाय बताए गए हैं. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं कि पंचक या दिशाशूल के समय यात्रा क्यों नहीं करते हैं? पंचक या दिशाशूल का उपाय क्या है?

पंचक और दिशाशूल
पंचक और दिशाशूल दोनों को अशुभ फल प्रदान करने वाला माना जाता है. दिशाशूल दिन के अनुसार होता है. दिशाशूल में विशेष दिन पर निश्चित दिशा में यात्रा करने की मनाही है. जैसे सोमवार और शनिवार को पूर्व का दिशाशूल होता है. पंचक पांच दिनों तक होता है, उन पांच दिनों में दक्षिण दिशा की यात्रा और शुभ कार्य वर्जित होते हैं.

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पंचक और दिशाशूल में क्यों नहीं करते यात्रा?
पंचक के समय में दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करते हैं. यह दिशा मृत्यु के देवता यमराज की दिशा होती है. यदि आप पंचक और दिशाशूल के समय में किसी शुभ कार्य से यात्रा करते हैं तो उसमें कई प्रकार की बाधाएं आती हैं. दुर्घटना, चोरी या अनहोनी का डर रहता है. इसमें कार्य सफल होने की संभावना बहुत ही कम होती है.

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मृत्यु बाण और यमघंट योग का रखें ध्यान
पंचांग में हर दिन यमघंट योग और बाण मुहूर्त के बारे में दिया गया होता है. जिस दिन यमघंट योग और मृत्यु बाण योग साढ़े चार घंटे से अधिक समय का हो, उस दिन यात्रा स्थगित कर देनी चाहिए. जीवन में अनिष्ट होने की आशंका रहती है.

किस दिन कौन का दिशाशूल?
मंगलवार और बुधवार को उत्तर दिशा का दिशाशूल होता है.
सोमवार और शनिवार को पूर्व का दिशाशूल होता है.
गुरुवार को दक्षिण का दिशाशूल होता है.
शुक्रवार और रविवार को पश्चिम का दिशाशूल होता है.

पंचक और दिशाशूल के उपाय
शास्त्रों में पंचक और दिशाशूल में कार्यों को करने की मनाही है, लेकिन जनमास के हितों को देखते हुए इसके कुछ उपाय भी किए जाते हैं.

1. जब आप पंचक या दिशाशूल में किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए यात्रा करने जा रहे हैं तो आप घर से निकलते समय एक काले कपड़े में काली उड़द, काला तिल और दही लेकर बांध लें. उसे साथ लेकर यात्रा के लिए निकलें और जैसे ही सबसे पहले मंदिर या कोई पीपल का पेड़ दिखाई दे, उसे वहां पर रखकर आगे बढ़ जाएं. इस उपाय से पंचक और दिशाशूल के दोष मिट जाएंगे. आपको कार्य में सफलता मिलेगी.

2. जिस दिन आप यात्रा करने वाले हैं और उस दिन दिशाशूल है तो आप एक दिन पूर्व प्रस्थान ​निकाल दें. इसमें आप घर से थोड़े दूर पर किसी अन्य के घर या दुकान पर अपना रूमाल या वह कपड़ा, जो साथ ले जाना चाहते हैं, उसे रख दें. यात्रा के दिन घर से निकलकर उस प्रस्थान को साथ लेकर यात्रा करें. आपकी यात्रा सफल होगी.

Tags: Astrology, Dharma Aastha

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