मुकदमे से नाम हटाने के लिए मांगे थे 50 हजार

मोदीनगर:निवाड़ी थाने के प्रभारी (एसएचओ) निरीक्षक जयपाल सिंह रावत को विजिलेंस मेरठ की टीम ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। निरीक्षक पर पूर्व प्रधान से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पोस्टर फाड़ने के मुकदमे से नाम हटाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।विजिलेंस की टीम की तरफ से निवाड़ी थाने में जयपाल सिंह रावत के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
निवाड़ी थाना क्षेत्र के गांव अबुपुर के राकेश कुमार उर्फ बिट्टू गांव के पूर्व प्रधान हैं। पिछले महीने अबुपुर गांव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पोस्टर फाड़ने का मामला सामने आया। जिसपर गांव के विजय सिंह की तहरीर पर निवाड़ी थाने में राकेश व उनके भाई के खिलाफ केस दर्ज किया गया। राकेश का कहना था कि घटना के समय वे मुरादनगर में बैंक में थे, जिसका सीसीटीवी फुटेज उनके पास था। फिर भी निवाड़ी एसएचओ उनपर रुपयों के लिए दबाव बना रहे थे। मुकदमे से नाम निकालने के लिए 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी जा रही थी। उनके घर दबिश भी दी गई। राकेश ने पुलिस उच्चाधिकारियों से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। परेशान आकर विजय सिंह ने विजिलेंस यूनिट मेरठ में शिकायत दी। जिसपर विजिलेंस टीम ने 50 हजार रुपये पर केमिकल लगाकर मंगलवार को राकेश को निवाड़ी थाने भेजा। यहां अपने कार्यालय में जैसे ही काेतवाल ने रकम पकड़ी तो टीम ने छापेमारी कर दी। टीम को आता देख एसएचओ ने रुपये जमीन पर फेंक दिये। लेकिन हाथ पर केमिकल लग गया था। टीम ने कोतवाल के हाथ पानी में डाले तो गुलाबी पड़ गए। तुरंत उन्हें हिरासत में ले लिया। एसएचओ के आवास पर भी टीम ने छापेमारी की। लेकिन वहां कोई नकदी बरामद नहीं हुई। निरीक्षक जयपाल सिंह रावत 2013 बैच का दारोगा है। एक साल पहले ही प्रमोट होकर निरीक्षक बना था। निरीक्षक बनने के बाद कोतवाल पद पर निवाड़ी में पहला चार्ज था।

एसीपी मोदीनगर अमित सक्सेना ने बताया कि इस मामले में विजिलेंस टीम की तरफ से केस दर्ज कराया गया है। उन्हीं के द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी। उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार निरीक्षक जयपाल सिंह रावत पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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