Disha Bhoomi

Modinagar शासन से कैबिनेट की मोहर लगने के बाद अब गांव बुदाना, बेगमाबाद, बिसोखर, कादराबाद, सीकरीकलां, सीकरीखुर्द गांवों के संपूर्ण गाटे व उपरोक्त गावों का सम्पूर्ण रकबा तथा गांव औरंगाबाद गदाना, रोरी (विजय नगर) व फुराना (सूरत सिटी) का आंशिक भाग कैबिनेट की बैठक में शामिल करने पर मोहर लग गई है। चेयरमैन अशोक माहेश्वरी ने बताया कि अब राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद उपरोक्त गांव मोदीनगर नगर पालिका सीमा क्षेत्र में शामिल हो जाएंगे। नगर पालिका के आसपास की वे कॉलोनियां जो या तो अब से पहले ग्राम पंचायत का हिस्सा थीं या फिर कालोनियों को न तो शहर की योजनाओं का लाभ मिल पा रहा था और न ही ग्राम पंचायत का। उन कॉलोनियों के लोगों को भी शहर में शामिल कर दिया जाएगा। कैबिनेट की मोहर के बाद महामहीम राज्यपाल द्वारा गजट जारी कर दिया जाएगा।
बताते चले कि मोदीनगर से सटे गांव बेगमाबाद, बुदाना, बिसोखर, सीकरीकलां, सीकरीखुर्द, कादराबाद में अब तक ग्राम पंचायत का चुनाव होता था। इन गांवों को नगर पालिका में शामिल कराने के लिए लंबे समय से प्रयास चल रहा था। इन गांवों के अधिकांश लोग भी गांव को नगर पालिका में शामिल कराने के लिए जनप्रतिनिधियों से मांग कर रहे थे। इसमें सबसे ज्यादा समस्या मोदीनगर शहर से सटी रिषभ विहार, सोना एंकलेव, सूरत सिटी, राधाकुंज समेत आदि दर्जनों नई बसी कॉलोनी में रहने वाले लोगों को उठानी पड़ रही थी, न तो उनको शहर और न ही ग्राम पंचायत की किसी योजना का लाभ मिल पा रहा था। कई कालोनियों में तो रास्ते और पानी निकासी की भी व्यवस्था नहीं थी, लेकिन अब इन गांवों के साथ नई बसी कालोनी के लोगों को भी राहत मिलने की पूरी-पूरी उम्मीद है।
ये गांव और कॉलोनियां शहर का हिस्सा हो जाएंगी
उम्मीद है कि महामहीम राज्यपाल के हस्ताक्षर होने के बाद गजट जारी हो जाएगा और बिसोखर, सीकरीकलां, सीकरीखुर्द, कादराबाद, बेगमाबाद बुदाना समेत गदाना, फफराना व रोरी के आंशिक भागों को नगर पालिका में शामिल करने घोषणा भी हो जाएगी। इसके बाद यहां पहले की तरह ग्राम पंचायत का चुनाव नहीं होगा।
कई लोगों को लगा झटका
नगर पालिका चुनाव की तैयारी में लगे लोगों को कैबिनेट की मोहर लगने के बाद बड़ा झटका लगा है। लगातार उनके स्तर से पूर्व में आपत्तियां दर्ज कराने के लिए हर कोशिश हो रही थी। जानकारी मिली है कि चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे दो उम्मीदवारों ने भी इस पर आपत्ति जारी की थी, लेकिन उपरोक्त गावों में निवास कर रहे लोगों ने नगर पालिका में शामिल होने के कदम को बेहतर बताया। उनकी मानें तो नगर पालिका में शामिल होने से इन गांवों में बेहतर विकास होगा। समय पर सफाई समेत तमाम सुविधाएं लोगों को मिलेंगी।
पालिकाध्यक्ष पद के लिए अब ओबीसी सीट होने के लग रहे कयास
नगर पालिका चुनाव की तैयारी में लगे लोगों को सीमा विस्तार को लेकर मंगलवार को कैबिनेट की मोहर लगने के बाद जंहा बड़ा झटका लगा, वही अब राजनीतिज्ञ विशेषज्ञों की मानें तो उनका कहना है कि उपरोक्त गावों के पालिका में शामिल होने के बाद पालिकाध्यक्ष पद के लिए सीट ओबीसी आरक्षित होने के कयास बढ़ गये है। जिससे सामान्य, व अनुसूचित जाति के चुनाव की तैयारी में लगे लोगों के चेहरे पर मायूसी छा गई है। इस सूचना के बाद पालिकाध्यक्ष सीट को लेकर राजनीतिक सरगर्मीयां तेज हो गई है।

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