मोदीनगर। तहसील क्षेत्र में भाकियू ने भारत बंद के तहत दिल्ली- मेरठ मार्ग पर जाम लगाकर सरकार पर किसानों का शोषण करने, बढ़ती मंहगाई च तीनों कृषि कानूनों विरोध में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। इस दौरान राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम आदित्य प्रजापति को सौपा।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत संयुक्त किसान मोर्चा की अपील पर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के सैकडों कार्यकर्ता सुबह करीब 10 बजे ही राज चैराह व तहसील आदि स्थानों पर एकत्रित हुए और 12 बजे दिल्ली- मेरठ हाईवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान किसान नेताओं ने अपनी बयानबाजी में कहा है कि दस माह से किसान दिल्ली व अन्य स्थानों पर तीनों कुषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार सुनने को तैयार नहीं है। जब तक उसे वापस नहीं लिया जाता तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा । यही नहीं उन्होंने कहा डीजल, पेट्रोल, खाद, बीज और रसोई गैस आदि के बढ़ते दामों से किसान ही नहीं आम जनता परेशान है। सरकार ने जो गन्ने का भाव बढ़ाया है वह एक तरह से ऊंट के मुंह में जीरा है। किसान इससे बिल्कुल भी खुश नहीं हैं, क्योंकि पहली बार सरकार ने गन्ने का मूल्य घोषित किया है, वह भी बहुत कम है । जबकि मेरठ मंडल उपाध्यक्ष सतेन्द्र त्यागी ने कहा कि भाजपा सरकार किसान विरोधी सरकार है। सरकार की सारी नितियां किसान विरोधी हैं, इससे किसान ऊब चुका है। इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। अब किसान सरकार के किसी भी झूठे आश्वासन में आने वाले नहीं है। जब तक सरकार अपने काले कानून वापस नहीं ले लेती और एमएसपी पर कानून नहीं बनाती, तब तक किसान घर नहीं बैठेगा। इस दौरान भाकियू नेताओं ने मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। करीब एक घंटे जाम लगा रहा। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लाइनें लग गई थीं। इस दौरान पप्पी नेहरा, मनोज त्यागी, संजीव यादव हरेन्द्र पतला, आदित्य, रविन्द्र, विनोद त्यागी, आलिस्टर त्यारगी, हरेन्द्र मुखिया, ओमवीर सिंह, रामवीर सिंह, बाबूराम, जहीर अहमद, बिजेन्द्र सिंह, विनोद त्यागी, आदि किसान नेता मौजूद रहें।
