गर्भवती व आपरेशन कराने वाले मरीजों को होती है जांच कराने में परेशानी  – कोरोना जांच के लिए लगानी पड़ती है कई किमी की दौड़ माई सिटी रिपोर्टर  गाजियाबाद। लोनी, मोदीनगर व मुरादनगर में कोरोना जांच के लिए सैंपलिंग की व्यवस्था न होने से संदिग्ध और बीमार लोगों को जांच कराने के लिए कई 20 से 25 किमी गाजियाबाद की दौड़ लगानी पड़ती है।

सबसे अधिक परेशानी होती है किसी बीमारी में आपरेशन कराने से पहले या गर्भवती महिलाओं को, क्योंकि आपरेशन और प्रसव से पहले कोरोना की जांच अनिवार्य कर दी गई है।  इन क्षेत्रों के मरीजों को जांच के लिए डासना स्थित आईएमस या फिर जिला एमएमजी अस्पताल जाना पड़ता है।

हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जल्द ही जिले के चारों ब्लाकों में सैंपलिंग जांच बूथ शुरू किया जाएगा।  विशेष अभियान में दस गुना अधिक लिए गए सैंपल  जिले में 2 से 12 जुलाई तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए विशेष अभियान के दौरान प्रतिदिन 1900 से 2500 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए थे।

जो पहले से लिए गए आंकड़े के अनुसार दस से 12 गुना ज्यादा था। अधिकारियों का कहना है कि विशेष अभियान खत्म होने के बाद भी जिले में सैंपलिंग को उच्च स्तर पर रखा जाएगा। इसके लिए टीमों का गठन कर दिया गया है और उन्हें सभी संसधान मुहैया करवाए गए हैं। यह टीमें फिलहाल कंटेनमेंट जोन में लोगों की जांच करेंगी।  फिर से शुरू होगा अभियान  10 दिन के विशेष अभियान के संपन्न होने के बाद  स्वास्थ्य विभाग दोबारा अभियान शुरू करने जा रहा है। अभियान में कंटेनमेंट जोन में सर्वे किया जाएगा। इसके साथ ही सैंपलिंग बढ़ाने के लिए जिले के चारों ब्ल़ॉक में कोरोना सैंपल कलेक्शन बूथ स्थापित करने के साथ मोबाइल वैन भी तैनात की जा रही हैं।

इसके अलावा जिले में एंबुलेंस बढ़ाने का भी प्रयास किया जा रहा है।

जिले के चारों ब्लाक भोजपुर, रजापुर, मुरादनगर, लोनी में सैंपल कलेक्शन बूथ शुरू किए जाएंगे। इससे मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी के लोगों को जांच कराने में आसानी होगी। विभाग के पास 38 लैब टैक्नीशियन (एलटी) हैं, शासन से 10 एलटी और मिलने वाले हैं। इसके बाद सैंपल लेने में आसानी होगी।  डा. एनके गुप्ता, सीएमओ आशुतोष यादव

 

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