हाइलाइट्स

इस कठिन व्रत में सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक जल, अन्न और फल नहीं खाते हैं.
कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि 20 अक्टूबर को प्रातः 06 बजकर 46 मिनट से शुरू हो जाएगी.

चौथ व्रत हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. करवा चौथ का व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखते हैं. सुहागन महिलाएं और वे युवतियों, जिनका विवाह तय हो चुका होता है, वे करवा चौथ का व्रत रखती है. यह कठिन व्रत है. इसमें सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक जल, अन्न और फल नहीं खाते हैं. इसमें व्रत में गणेश जी के साथ करवा माता की पूजा करते हैं. श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ मृत्युञ्जय तिवारी बता रहे हैं कि साल 2024 में करवा चौथ का व्रत कब है? करवा चौथ पूजा मुहूर्त, चंद्र अर्घ्य समय क्या है? करवा चौथ व्रत का महत्व क्या है?

कब है करवा चौथ 2024?

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, इस साल कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि 20 अक्टूबर दिन रविवार को प्रातः 06 बजकर 46 मिनट से शुरू हो जाएगी. यह तिथि 21 जनवरी को प्रातः 04 बजकर 16 मिनट तक मान्य होगी. तिथि के आधार पर करवा चैथ का व्रत 20 अक्टूबर रविवार को रखा जाएगा.

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करवा चौथ 2024 पूजा मुहूर्त

इस साल करवा चौथ के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 46 मिनट से शाम 07 बजकर 02 मिनट तक मान्य है. उस दिन महिलाओं को पूजा के लिए सवा घंटे का समय प्राप्त होगा.

करवा चौथ 2024 व्रत की अवधि
करवा चौथ का व्रत सूर्योदय के साथ प्रारंभ होता है और चंद्रोदय होने पर अर्घ्य देने के बाद पारण से खत्म होता है. इस साल व्रती को करवा चौथ के दिन 13 घंटे 29 मिनट तक निर्जला व्रत रखना होगा. यह व्रत सुबह 06 बजकर 25 मिनट से शाम 07 बजकर 54 मिनट तक होगा.

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करवा चौथ 2024 चंद्र अर्घ्य समय

20 अक्टूबर को चंद्रोदय शाम 07 बजकर 54 मिनट पर होगा. चांद के निकलने पर अर्घ्य दिया जाएगा. उसके बाद व्रती पारण करके व्रत को पूरा करेंगी.

करवा चौथ व्रत का महत्व
करवा चौथ का व्रत सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के लिए रखती हैं. वहीं जिनकी शादी तय है, वे भी युवती यह व्रत रखती है. विवाह योग्य युवतियां इस व्रत को योग्य पति की प्राप्ति के लिए रखती हैं. इस व्रत में भगवान गणेश, माता पार्वती और शिव जी की पूजा होती है. उनके आशीर्वाद से अखंड सौभाग्य प्राप्त होता है.

Tags: Dharma Aastha, Karva Chauth, Karwachauth, Religion 18

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