Disha Bhoomi

Modinagarबेलगाम हो रही महंगाई पर कोई अंकुश न होने के कारण भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते परिवार के पालन पोषण के साथ ही शादी विवाह भी प्रभावित हो रहे है। स्थिति ऐसी हो गई है कि मोदीनगर क्षेत्र के कई लोगों का कहना है कि अपने पसंद के पकवान भूल ही गए हैं। कोरोना काल के बाद से लगातार दलहन, खाद्य तेल व सब्जी के साथ ही डीजल, पेट्रोल के बाद रसोई गैस के दाम भी आसमान छू रहे हैं। जिनके पास आय का उचित साधन है वह तो किसी तरह अपना बजट बैठा ले रहे हैं, लेकिन दिहाड़ी मजदूर व किसान घर चलाने में परेशान हैं।
महंगाई ने बिगाड़ा दिया रसोई का स्वादः
महंगाई ने रसोई का स्वाद फीका कर दिया है जिससे गृहणियां भी परेशान हैं। उनको रुपये खर्च करने से पहले हजार बार सोचना पड़ रहा है। ऐसे में अधिकतर महिलाएं तो खाद्य सामग्रियों की मात्रा कम कर दे रही हैं। पहले जहां पांच किलो दाल में पूरे महीने चलाती थीं, अब तीन किलोग्राम ही ला रही हैं। वहीं तेल के दामों में भारी बढ़ोतरी से सभी परेशान हैं।
जानें क्या कहती हैं गृहणियांः
हरमुखपुरी काॅलोनी की रहने वाली स्वीटी शर्मा ने बताया कि अब तक सब्जियों की महंगाई ने भोजन का स्वाद बिगाड़ रखा था। अब रसोई गैस के मूल्य में बढ़ोत्तरी से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। इससे हर वर्ग के लोग परेशान हैं।
सुचेतापुरी निवासी शालनी लखेरा कहती है कि दिहाड़ी मजदूरी करने वाले गरीब परिवारों के लिए यह महंगाई एक बड़ा बोझ है। इधर शादी विवाह व अन्य उत्सवों का समय चल रहा है। लोग दो जून की रोटी का जुगत करें या व्यवहार।
बेगमाबाद निवासी माहोन कुमार का कहना है कि कोरोनाकाल के बाद डीजल, पेट्रोल के दाम में वृद्धि से जहां किसान प्रभावित हुआ है, वहीं सांग, सब्जी, तेल, मसालों आदि का दाम बढने से रसोई का स्वाद फीका हो गया है।
कृष्णानगर निवासी विकास त्यागी ने बताया कि सरकार को महंगाई पर अंकुश लगाना चाहिए। दैनिक उपयोग के वस्तुओं की अचानक मूल्य वृद्धि मध्यम वर्गीय व गरीब दोनों परिवारों के लिए उचित नहीं है। दाम कम होने से ही वह खुश रहेंगे।

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