हाइलाइट्स
सूर्य ग्रहण की तरह ही चंद्र ग्रहण भी खगोलीय घटना है.
सूर्य के चारों ओर पृथ्वी घूमती है,और चंद्रमा पृथ्वी का चक्कर लगाता है.
Grahan 2023 Date: भारतवर्ष के साथ-साथ पूरी दुनिया में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण को लेकर काफी कौतूहल रहती है. विज्ञान की दृष्टि से यह एक अद्भुत खगोलीय घटना है, इसलिए इस पर कई बड़े वैज्ञानिक शोध होते हैं. भारत देश में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण को लेकर कई प्रकार की मान्यताएं है. माना जाता है कि ग्रहण की अवधि में पूजा, मांगलिक कार्य, भोजन बनाना-खाना, गर्भवती महिलाओं का घर से बाहर निकलना मना होता है. साल 2023 में ज्योतिषी घटनाओं के अनुसार कुल चार ग्रहण लगने वाले हैं. इनमें दो चंद्रग्रहण और दो सूर्य ग्रहण होंगे. भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु विशेषज्ञ पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा बता रहे हैं ग्रहण के लगने के समय और इनके सूतक काल के बारे में.
सूर्य ग्रहण 2023
इस वर्ष साल 2023 में पहला सूर्य ग्रहण 20 अप्रैल सन 2023, गुरुवार के दिन लगने जा रहा है. ज्योतिष गणना के हिसाब से देखा जाए, तो यह ग्रहण भारतीय समय अनुसार सुबह 7:04 से प्रारंभ होगा और दोपहर 12:29 पर समाप्त होगा. यह ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा इसके कारण इस ग्रहण का सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा. इसके अलावा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर 2023, शनिवार के दिन पड़ेगा. यह ग्रहण पश्चिमी अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, अटलांटिका, अंटार्कटिका में दिखाई देगा. यह ग्रहण भी भारत से दिखाई नहीं देगा, इसलिए इस ग्रहण का सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा.
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चंद्र ग्रहण 2023
इस वर्ष साल 2023 में पहला चंद्र ग्रहण 5 मई 2023 शुक्रवार के दिन लगने जा रहा है. यह चंद्र ग्रहण भारतीय समय के अनुसार रात के 8:45 से प्रारंभ होगा और देर रात 1:00 बजे समाप्त होगा. यह चंद्र ग्रहण भारत में नजर आएगा, जिसके कारण इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले ही प्रारंभ हो जाएगा. इसके अलावा साल का दूसरा व अंतिम चंद्र ग्रहण 29 अक्टूबर 2023 रविवार के दिन लगेगा. यह ग्रहण रात 1:06 से प्रारंभ होगा और 2:22 पर यह समाप्त हो जाएगा. यह चंद्र ग्रहण एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा. पहले चंद्र ग्रहण की तरह यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, जिसके कारण इसका सूतक काल मान्य होगा.
क्या है सूर्य ग्रहण?
सूर्य ग्रहण तब होता है. जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है, ऐसा होने पर सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाता. जिससे चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ने लगती है, और सूरज का कुछ ही हिस्सा दिखाई देता है. सूर्य ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं, आंशिक, वलयाकार और पूर्ण सूर्य ग्रहण.
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क्या है चंद्र ग्रहण?
सूर्य ग्रहण की तरह ही चंद्रग्रहण भी खगोलीय घटना है. सूर्य के चारों ओर पृथ्वी घूमती है, और चंद्रमा पृथ्वी का चक्कर लगाता है. इस प्रक्रिया में एक समय ऐसा भी आता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य एक ही सीध में आ जाते हैं. जिससे सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर पड़ता है, लेकिन चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाता। इस घटना को खगोलीय घटना के रूप में चंद्रग्रहण कहा जाता है.
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Tags: Astrology, Chandra Grahan, Dharma Aastha, Lunar eclipse, Religion, Solar eclipse, Surya Grahan
FIRST PUBLISHED : April 18, 2023, 17:37 IST
