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गाजियाबाद।  गाजियाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय वाहन चोरों के खिलाफ बड़ी कार्यवाई करते हुए गुरुवार को चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक 15 हजार रुपए का इनामी भी है। इनसे चोरी की तीन कार बरामद हुई हैं। ये गिरोह चोरी की गाड़ियों को चेसिस नंबर बदलकर फर्जी डॉक्यूमेंट्स पर बेच देता था।
तीन आरोपी संभल और एक मेरठ का
क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकि ने बताया चार आरोपी पकड़े गए हैं। इनकी पहचान वसीम अल्वी, अकरम अल्वी व साहिल अल्वी निवासी बहजोई (संभल) और पुनीत उर्फ गुड्डू निवासी परतापुर (मेरठ) के रूप में हुई है। पुनीत उर्फ गुड्डू पर थाना इंदिरापुरम से 15 हजार रुपए का इनाम घोषित था। जबकि इनके साथी अमित त्यागी, शाहजहां उर्फ राजा, आरिफ कबाड़ी, अमित उर्फ प्यारेलाल शर्मा फरार हैं।
शीशा तोड़कर चुराते थे गाड़ियां
आरोपी पुनीत उर्फ गुड्डू ने पूछताछ में बताया, उसका भाई लोकेश इस गिरोह का सरगना है। लोकेश पहले भी जेल जा चुका है। यह गैंग दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़ आदि शहरों से गाड़ियां चुराता है। इसके लिए पहले पिछले दरवाजे का शीशा तोड़ते हैं और फिर इलैक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिये गाड़ी की नकली चाभी बनाकर उसे चुराकर ले जाते हैं।
मोबाइल फ्लाइट मोड पर करके जाते थे चुराने
चोरी की गाड़ी सबसे पहले संभल जिले के कस्बा बहजोई में पहुंचती है। यहां पर शहजाद और उसका पिता आरिफ कबाड़ी उसका चेसिस व इंजन नंबर बदलते हैं। गाड़ी के फर्जी दस्तावेज बनवाने का काम मेरठ में पुनीत और लोकेश का होता है। ये सारी चीजें तैयार होते ही चोरी की गाड़ियां अमित उर्फ प्यारेलाल के माध्यम से कहीं पर भी बेच दी जाती हैं। गाड़ी चोरी करने के लिए यह गैंग फर्जी नंबर प्लेट लगे वाहनों से जाता था और अपने मोबाइल फ्लाइट मोड पर कर लेता था, ताकि पुलिस लोकेशन ट्रैस न कर पाए। पुलिस ने बताया कि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।

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