हाइलाइट्स

प्रवर्तन निदेशालय ने करोड़ों की ठगी मामले में की कार्रवाई
करोड़ों रुपये के विदेशी करेंसी के लेनदेन के मामले की जांच
आरोपियों ने ठगी के धन से करोड़ों की चल-अचल संपत्ति खरीदी

नई दिल्‍ली. केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (Directorate of Enforcement) ने कोलकाता के अवैध फॉरेक्स ट्रेडिंग (Illegal Forex Trading in TPG Global FX) मामले में यानी अवैध तौर पर ऑनलाइन तरीके से करोड़ों रुपये के विदेशी करेंसी के लेनदेन पर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इन दोनों आरोपियों का नाम शैलेष कुमार पांडे और प्रसन्नजीत दास (Shailesh Kumar Pandey and Prasenjit Das) है.

जांच एजेंसी ईडी के अधिकारियों के द्वारा इन दोनों आरोपियों को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत तफ्तीश के बाद मिले सबूतों और दर्ज बयानों के आधार पर  गिरफ्तार करने के बाद अब विस्तार से पूछताछ कर रही है. इन दोनों आरोपियों पर लगे आरोप की अगर बात करें तो इन दोनों ने अपनी कंपनी के मार्फत आम लोगों को अवैध तौर पर चला रहे फॉरेक्स ट्रेडिंग (Illegal Forex Trading in TPG Global FX ) और केके ट्रेडर्स कंपनी में लाखों -करोड़ों रुपये के निवेश करने के लिए प्रेरित किया और काफी लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया.

ठगी की रकम से चल- अचल संपत्ति खरीदी
करोड़ों रूपये की ठगी करने के बाद आरोपियों ने उसी पैसों से उन दोनों काफी चल-अचल संपत्तियों को खरीदने में प्रयोग किया. पैसों के लेनदेन करने के लिए उन दोनों आरोपियों ने कई फर्जी कंपनियों यानी शैल कंपनियों के मार्फत अवैध तौर पर अर्जित काले धन को सफेद बनाने का प्रयास किया था. लेकिन उसी दौरान इस मामले की जानकारी कोलकाता पुलिस को लगी और उन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. बाद में उसी केस के आधार पर केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी की एंट्री हुई. जांच एजेंसी ईडी ने उस केस के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले को दर्ज किया था.

ईडी की जांच से पहले कोलकाता पुलिस ने की थी गिरफ्तारी 
कोलकाता पुलिस के द्वारा इन दोनों आरोपियों शैलेश कुमार पांडे और प्रसन्नजीत दास को पिछले साल 2022 में गिरफ्तार किया गया था. उसके बाद से ये कोलकाता में ही ये न्यायिक हिरासत (Judicial Custody in case of Kolkata Police) में था. फिर जांच एजेंसी ईडी के अधिकारियों ने स्थानीय कोर्ट में अर्जी डालकर हिरासत में लेकर पूछताछ करने (custodial interrogation) की आज्ञा मांगी. पूछताछ के बाद मिले सबूतों और कई अन्य आरोपियों के दर्ज बयानों के आधार पर ईडी ने कोर्ट को सूचित करके दोनों आरोपियों को औपचारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया. ईडी की विशेष कोर्ट के द्वारा 23 फरवरी तक दोनों आरोपियों को ईडी कस्टडी में भेजने का फरमान सुना चुकी है. इस मामले में आगे की तफ्तीश जारी है.

20 करोड़ रुपये फ्रीज और आठ करोड़ से ज्यादा की नकदी जब्त  
जांच एजेंसी के मुताबिक ईडी की तफ्तीश से पहले इस मामले में कोलकाता स्थित हेयर स्ट्रीट थाना की पुलिस की टीम ने शिवहर पुलिस की मदद से आरोपी के हावड़ा इलाके में स्थित मंदिरतला इलाके के प्रकाश मुखर्जी लेन वाले आवास से आठ करोड़ 15 लाख रुपये बरामद किया था. इसमें आरोपी की कार से करीब दो करोड़ 20 लाख 50 हजार रुपये की नकदी के साथ- साथ लाखों- करोड़ों रुपये के सोने-चांदी-हीरे बरामद किए गए थे. उसके बाद कोलकाता पुलिस के द्वारा आरोपी के केनरा बैंक वाले बैंक अकाउंट में रखे हुए करीब 20 करोड़ रुपये की रकम को भी फ्रीज करवाया गया था, जिससे की उस पैसे को जांच होने तक कोई निकाल नहीं सके.

Tags: Directorate of Enforcement, ED, Kolkata

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