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बागपत। जिले में हवा की सेहत लगातार खराब हो रही है। बुधवार को जिले का एक्यूआई 322 था, जो बृहस्पतिवार को बढ़कर 412 हो गया। इन सबके बावजूद लोग वातावरण को प्रदूषित होने से बचाने की अपनी जिम्मेदारी नहीं समझ रहे है। बृहस्पतिवार को भी जिला अस्पताल के समीप झाड़ियों में आग लगा दी गई। इससे आसपास के क्षेत्र में धुआं ही धुआं हो गया। लोगों को सांस लेने में भी दिक्कतें हुई।
बढते वायु प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए जा रहे है। किसानों को पराली व फसलों के अवशेष का निस्तारण करने के लिए कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे है। प्रशासन की ओर से किसान जागरूकता वाहन, एनसीसी कैडेट्स और स्काउट एंड गाइड भी जागरूकता फैलाने के लिए अभियान से जोड़ा जा रहा है। बावजूद इसके जिले में प्रदूषण की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। नगर और देहात क्षेत्र में कूड़ा जलाने से हवा प्रदूषित हो रही है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल के समीप झाड़ियों में आग लगा दी गई।
पराली जलाने पर हो चुके दो मुकदमे
बागपत जिले में अभी तक पराली जलाने के दो मुकदमे दर्ज हुए हैं। जीपीएस से मिली जानकारी के बाद कृषि विभाग ने मुकदमे दर्ज कराए थे।
एक्यूआई की स्थिति
29 अक्तूबर 412
28 अक्तूबर 322
27 अक्तूबर 318
26 अक्तूबर 317
25 अक्तूबर 369
24 अक्तूबर 335
23 अक्तूबर 365
सांस व दमा के मरीजों के लिए घातक है वायु प्रदूषण
बागपत। सीएचसी अधीक्षक डॉ विभाष राजपूत का कहना है कि वायु प्रदूषण से लोगों को सांस लेने व गले की बीमारी बढ़ने का खतरा अधिक रहता है। सबसे अधिक परेशानी सांस व दमा के मरीजों को होती है।

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