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बागपत : श्री शिवकुमार पुत्र विजेन्द्र निवासी ग्राम वसा टीकरी थाना बागपत की लिखित सूचना दी कि नितिन पुत्र टीटू व राहुल पुत्र नत्थी ने नौकरी लगवाने के नाम पर धोखे से उसके आधार कार्ड की छायाप्रति व अंगूठा निशानी कुछ दिनों पहले ले लिए थे और उसके कुछ दिनों बाद ही थोड़े-थोड़े करके उसके खाते से लगभग एक लाख चालीस हजार रूपये निकल गए जिनका उसको कुछ पता नहीं है। इस सूचना पर थाना कोतवाली बागपत पर मु0अ0स0 826/2020 धारा 420 भादवि व 66डी आईटी एक्ट में पंजीकृत किया गया।
पुलिस अधीक्षक जनपद बागपत द्वारा उक्त प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेते हुए साईबर सैल टीम व थाना कोतवाली बागपत को अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया। उक्त प्रकरण में साईबर सैल टीम व थाना कोतवाली बागपत द्वारा तत्परता से कार्यवाही करते हुए अभियुक्त 1-नितिन पुत्र वीरपाल 2-विकास पुत्र नत्थी सिंह 3-वाजिद पुत्र सलीम निवासी गण ग्राम वसा टीकरी थाना बागपत 4-मौ0 उमर पुत्र रहीस अहमद निवासी महमूदपुर माफी मुरादाबाद 5-पराग गर्ग पुत्र विनोद कुमार निवासी मौ0 ठेर सम्भल का नाम प्रकाश में आया। उक्त क्रम में दिनांक-05.11.2020 को साईबर टीम व थाना बागपत पुलिस द्वारा ग्राम वसा टीकरी से अभियुक्त 1-नितिन पुत्र वीरपाल 2-विकास पुत्र नत्थी सिंह 3-वाजिद पुत्र सलीम निवासी गण ग्राम वसा टीकरी थाना बागपत को व मीतली से ग्राम वसा टीकरी आने वाले रास्ते से 4-मौ0 उमर पुत्र रहीस अहमद निवासी महमूदपुर माफी मुरादाबाद 5-पराग गर्ग पुत्र विनोद कुमार को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तो के कब्जे से फर्जी अंगुठा निशानी कागज व उसका क्लोन, घटना में संलिप्त लैपटाप, अंगुठा निशानी तैयार करने की मशीन, मोबाईल फोन, बटर पेपर, सैलो टेप, तरल पदार्थ की बोतल, प्लास्टिक सीट व 6900 रूपये नगद बरामद किये गये।
पूछताछ करने पर पता चला
अभियुक्त नितिन व विकास ने पूछताछ पर बताया कि वाजिद के कहने पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर भोले-भाले लोगो से उनका आधार कार्ड व कोरे कागज पर अंगुठा निशानी ले लेते थे। इस काम के लिए वाजिद से हमें 3000 रूपये प्रति मिलता था। बरामदा नकली अंगुष्ठछाप मशीन व तरल पदार्थ बोतल के बारे में पूछने पर बताया कि कुछ दिनों पहले वाजिद ने ही यह मशीन मेरे घर पर रखवायी थी और आज उसके कुछ अन्य साथी इस काम की सिखलाई के लिए आने वाले है। जिससे यह धोखाधड़ी का काम हम यही पर शुरू कर सकें।
2– अभियुक्त वाजिद ने पूछताछ पर बताया कि अभी 25 अक्टूबर को वह उमर से दिल्ली में मिला था जहां पर उमर ने उसे 5000 रूपये मुनाफे मे से दिए थे। तथा नकली अंगुष्ठछाप मशीन दिल्ली चोर बाजार से ली थी और विकास के घर पर रखवाई थी। इन आधार कार्डो की छायप्रति व अंगुठा निशानी को स्कैन करके 600 DBI में जिससे साफ दिखाई पड़ सके। किसी भी साईबर कैफे के माध्यम से उमर की जीमेल आईडी-goldmedia334@gmail. com पर भेज देता था। उसके आगे का कार्य उमर ही जानता है। जो आज हमें सीखना था।
3– अभियुक्त उमर ने पूछताछ पर बताया कि यह कार्य हम लगभग 01 वर्ष से कर रहे है। इसमें फेसबुक पर बहुत सारे डिस्ट्रीब्यूटर अपना प्रचार डालते हैं, जहां से उनका फोन नंबर लेकर आधार इनेबल पेमेन्ट सिस्टम (AEPS) पर आईडी बनवाई जाती हैं। जिसका यूजर आईडी और पासवर्ड सर्वर से ही मिलता है, जिसकी 500 व 1000 रूपये फीस लगती है। डिस्ट्रीब्यूटर जिस भी राज्य या शहर का होता है आईडी भी वही की होती हैं। वाजिद से लिये गये आधार कार्ड व अंगूठा निशानी को पराग को दे देता हूं। वह इससे नकली अंगुठा निशानी तैयार कर देता है तथा मैं इस अंगूठा निशानी को स्कैनिंग मशीन पर लगाकर संबंधित के खाते से रुपए आधार इनेबल पेमेन्ट सिस्टम (AEPS) आईडी में स्थानांतरित कर लेता हूं और बाद में अपनी इस आईडी से किसी भी अन्य ई-वाॅलेट अकाउन्ट में डाल देता हूं तथा किसी भी रिटेलेर शॉप से जाकर कैश निकाल लेता हूं जिसका प्रति ट्रांजक्षन 100 या 200 रूपये देने पड़ते है। आधार इनेबल पेमेन्ट सिस्टम (AEPS) आईडी के इस्तेमाल की वजह से रूपये अन्य स्थानों से निकलना दिखाई पडता है। अंगुठा निशानी का क्लोन तैयार करवाने में पराग को मुनाफे के हिसाब से कभी 500 व कभी 1000 रूपये प्रत्येेक के दे देता था।
4– अभियुक्त पराग ने पूछताछ पर बताया कि उमर से वह अंगूठा निशानी को अपनी जीमेल आईडी paragmohar@gmail. com पर मंगवा लेता तथा किसी भी साइबर कैफे जाकर उसको साफ करवा कर प्रिंट निकाल निकाल लेता था और लिक्विड व मशीन की सहायता से प्लास्टिक सीट पर पर अंगूठा निशानी का क्लोन तैयार कर उमर को दे देता था जिसके लिए उससे मुझे कभी 500 व कभी 1000 रूपये मिलते थे। आज मैं उमर के साथ यहां इन सभी को यह कार्य सिखलाने ही आया था।

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