Disha Bhoomi

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर रोक की कवायद के मद्देनजर पटाखों पर पूर्ण पाबंदी बेअसर साबित हुई। दिवाली की रात जमकर आतिशबाजी हुई। इसका असर यह हुआ कि दो दिन से बहुत खराब श्रेणी की हवा रविवार को फिर से गंभीर स्तर पर पहुंच गई। एनसीआर के सभी शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 के पार दर्ज किया गया। उत्तर भारत में धुंध की मोटी चादर छाई रही। कई शहरों में प्रदूषण गंभीर स्तर पर रहा।

दिवाली की रात आतिशबाजी के बाद रविवार सुबह दिल्ली- एनसीआर स्मॉग की चादर में लिपटा नजर आया। हालांकि, दोपहर तक अच्छी धूप खिलने के बाद प्रदूषण के छंटने में मदद मिली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक 435 दर्ज किया गया। जबकि एक दिन पहले यह 414 और शुक्रवार को 339 था। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु मानक संस्था सफर के अनुसार, शनिवार को दिल्ली के पड़ोसी राज्यों हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की करीब 350 घटनाएं दर्ज की गईं।

गाजियाबाद 448 वायु गुणवत्ता सूचकांक के साथ एनसीआर का सबसे प्रदूषित शहर रहा जबकि देश में जींद  (457) के बाद दूसरे स्थान पर रहा। एनसीआर में नोएडा 441 और दिल्ली 435 एक्यूआई के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे सबसे प्रदूषित शहर रहे। गुरुग्राम का वायु गुणवत्ता सूचकांक 425 दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार बदलने और शाम को हल्की बारिश के बावजूद वायु गुणवत्ता सूचकांक पर कोई असर नहीं दिखा। शाम 7 बजे बाद तक अधिकतर शहरों का एक्यूआई 400 पार ही था। आगामी दो दिनों में दिल्ली-एनसीआर की हवा में सुधार की संभावना है।

एनसीआर के प्रदूषित शहर

गाजियाबाद   448
नोएडा        441
दिल्ली        435
गुरुग्राम        425
ग्रेटर नोएडा   417
फरीदाबाद     414

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