Modinagar जैन शिकंजी ट्रेड मार्क के असली स्वामित्व को लेकर दो पक्षों में काफी समय से मुकदमेंबाजी चली आ रही थी।
जिला न्यायाधीश ने यह मुकदमा सतीश जैन के पक्ष में दिया है। इस फैसले से वादी पक्ष से सतीश जैन ने काफी राहत महसूस की है, वहीं द्ूसरे पक्ष में निराशा हाथ लगी है। गौरतलब है कि देश विदेश में मशहूर जैन शिकंजी के ट्रेड मार्क के असली स्वामित्व को लेकर सतीश जैन से कडकडड़ूमा कोर्ट में एक याचिका दर्ज की थी, जिसमें आरोप लगाया था कि कुछ लोगों द्वारा अवैध रुप से उनके ट्रेड का इस्तेमाल किया जा रहा है, इससे जहां उनको आर्थिक रुप से काफी नुकसान हो रहा है वहीं उनकी प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंच रही है।
जिला न्यायाधीश संजय शर्मा ने सुनवाई में जैन शिकंजी का पंजीकृत मालिक सतीश जैन को स्वीकारते हुए प्रतिवादी पक्ष को उसके निदेशक, एजेटों वितरकों, कर्मचारियों या उनके तहत या उनके माध्यम से दावा करने वाले किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से प्रतिबंधित कर दिया गया है। फैसले में कहा गया है कि ट्रेड मार्क जैन शिकंजी, जैन शिकंजी रेस्त्रा या किसी भी अन्य ट्रेड मार्क के तहत किसी भी सामान, विज्ञापन या किसी भी उत्पाद को बेचने की पेशकश करना जो वादी के ट्रेड मार्क के समान या भ्रामक रुप से जैन शिकंजी है जो ट्रेड मार्क के उल्लघंन माना जाएगा।
कोर्ट ने प्रा0 लिं के नाम से प्रतिवादी फर्म के निदेशक अनुभव जैन व वैभव जैन पुत्र प्रदीप जैन, सुश्री मोनिका जैन, पारूल जैन को चेताया है साथ ही जैन शिकंजी के चिंन्ह का दुरूपयोग करने पर कार्यवाही के चेतावनी दी है।

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