Disha Bhoomi

Modinagarसमन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) के जरिए जनसुनवाई के मुख्यमंत्री संदर्भ सहित दर्जनों मामले अभी तक तहसील राजस्व विभाग में अटके पड़े हैं। इनमें सबसे अधिक मामले पुलिस और राजस्व विभाग के हैं। निर्धारित समय सीमा के बाबजूद भी तहसील का राजस्व विभाग उनकी सुनवाई नही करता है।
बताते चले कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के लिए समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) की शुरूआत अपने प्रथम कार्यकाल में ही की थी। जिसका कई विभगों द्वारा व्यवस्थित रूप से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। इतना ही नही आईजीआरएस शुरू होने के बाद से आमजन ने काफी राहत महसूस हुई है और अधिकारी भी चेते है।
बाबजूद इसके मोदीनगर तहसील प्रशासन व राजस्व विभाग आईजीआरएस पर प्रापत शिकायतों को समय रहते संज्ञान नही ले रहा है। आज तक भी दर्जनों जनसुनवाई के मुख्यमंत्री संदर्भ के मामले अभी तक अटके पड़े हैं। इनमें सबसे अधिक मामले पुलिस और राजस्व विभाग के हैं। आलाधिकारियों द्वारा अगर इस मामले को संज्ञान लिया जाये तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आयेंगे। बड़ी बात तो यह है कि तय समयसीमा के भीतर कोई भी मामले नही निपटायें जाते है। तहसील प्रशासन से मिली जानकारी को अगर सच मानें तो इनमें मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी व पीजी पोर्टल पर आई शिकायतें लम्बित हैं। सबसे अधिक पुलिस विभाग व राजस्व विभाग की शिकायतें हैं। इस संबन्ध में तहसील के आलाधिकारियों को कहना है कि समय रहते सभी आईजीआरएस का निसतारण कर दिया जाता है अगर इस तरह का कोई मामला है तो संज्ञान ले कार्रवाही की जायेंगी।

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