Modinagar। गांव सीकरीखुर्द में लगभग 597 बीघा शत्रु सम्पत्ति को लेकर की जा रही कार्यवाही पर जंहा डीएम ने रिपोर्ट तलब की है, वही राजस्व टीम द्वारा शत्रु संपत्ति के चिहिंकरण के कार्य के शुरू किए जाने के बाद लोगों में हड़कंप मच गया है।
डीएम राकेश कुमार सिंह ने मोदीनगर तहसील अन्तर्गत गांव सीकरीखुर्द में 597 बीघा शत्रु सम्पत्ति को जंहा तहसील राजस्व विभाग से रिपोर्ट तलब की है, वही मामले में सख्त रवैया अपनाते हुए राजस्व टीम ने शत्रु भूमि का चिहिंकरण करना भी शुरू कर दिया है। बताया गया है कि लगभग 1200 सम्पत्ति चिंहित की गई है, जिन पर लोगों ने अवैध कब्जे किए हुये है। प्रशासन ने इन कब्जाधरियों को चेताया है कि कब्जा हटाने पर जो व्यय होगा वह भी अवैध कब्जाधारियों से वसूला जायेगा। प्रशासन के इस रवैये से परेशान लोगों ने जल्दी की उच्च न्यायालय जाने की तैयारी कर ली है।
बताते चले कि तहसील क्षेत्र के गांव सीकरीखुर्द में शत्रु संपत्ति गलत तरीके से नाम कर फर्जीवाड़े के प्रकरण में पूर्व में तहसील के दो लेखपाल सुबोध कुमार व योगेंद्र कुमार पर कार्रवाई की गई है। इस प्रकरण में तत्कालीन तहसीलदार राजबहादुर सिंह को भी में दोषी पाया गया था, उनकी इस प्रकरण में संलिप्तता उजागर होने पर फिर जांच शुरू कर दी गयी है, और शासन को उनके विरूद्ध रिपोर्ट भी भेजी गयी है। इस प्रकरण की अन्य कई तथ्यों पर जांच की जा रही है। जिनकी संलिप्ता उजागर होगी, उन पर भी गाज गिरेगी।
तहसील प्रशाासन से मिली जानकारी के अनुसार राजस्व टीम द्वारा इस शत्रु संपत्ति पर जो अवैध कब्जाधारियों का पूरा ब्योरा तैयार किया गया है उसमें सीकरी फाटक के समीप बनी संजीवनी स्टेट कालोनी का हिस्सा, मोदी स्टील बिजली घर, मोदीबाग, बलवंतपुरा, नंदनगरी, विश्वकर्मा बस्ती, दर्जनो दुकाने, गांव सीकरी देवी महामाया मंदिर के आस पास की खेती की भूमि के अलावा तकरीबन 1200 कब्जे उजागर हुये है, जिन पर स्कूल, व्यवसायिक काम्पलैक्स, कालोनी, खेती, टयूबवैल आदि स्थापित है। डीएम की ओर से तहसील प्रशासन से चिंहित किये गये कब्जाधारियों के खिलाफ कार्यवाही को लेकर जवाब तलब किया गया है। प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाही से क्षुब्ध होकर कब्जाधारियों ने सांसद डाॅ0 सत्यपाल सिंह, विधायक डाॅ0 मंजू शिवाच के समक्ष गुहार लगायी है, लेकिन जनप्रतिनिधियों की ओर से इस मामले पर चुप्पी देख अब कब्जाधारी उच्च् न्यायालय जाने की जुगत में लग गये है। कब्जाधारियों में प्रशासन की इस कार्रवाही से हड़कंप मचा है।
Disha Bhoomi
