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<p>देश में क्रेडिट कार्ड से बाजार करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है. इतना ही नहीं क्रेडिट कार्ड कंपनियां कस्टमर को लुभाने के लिए अलग-अलग ऑफर भी लेकर आ आती हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इतना ऑफर देने वाली ये कंपनियां आखिर क्रेडिट कार्ड से कैसे कमाती होंगी. आज हम आपको बताएंगे कि ये कंपनियां क्रेडिट कार्ड से कैसे कमाती थी. </p>
<p><strong>एयरपोर्ट लाउंज फ्री</strong></p>
<p>बता दें कुछ क्रेडिट कार्ड पर तो एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस और रेलवे स्टेशन का लाउंज एक्सेस भी दिया जाता है. इस एक्सेस के लिए ग्राहकों को कभी-कभी 1 रुपये देना भी पड़ता है, हालांकि कई बार ये फ्री भी होता है. लेकिन अब फिर वहीं सवाल सामने आता है कि इतने ऑफर के साथ क्रेडिट कार्ड कंपनियां कैसे कमाती होंगी. </p>
<p><strong>ब्याज और पेनल्टी से होती है कमाई</strong></p>
<p>बता दें कि क्रेडिट कार्ड लेने के बाद कई यूजर्स अपने क्रेडिट कार्ड का बिल समय से नहीं भर पाते हैं. जिस कारण उस पर ब्याज और पेनल्टी लगती है. इसके अलावा ईएमआई पर शॉपिंग करने पर भी कंपनियां ग्राहकों से चार्ज वसूल करती है. इस तरह से क्रेडिट कार्ड कंपनियों की मोटी कमाई होती है. </p>
<p><strong>अलग-अलग फीस</strong> </p>
<p>कुछ क्रेडिट कार्ड कंपनियां अपने ग्राहकों से एनुअल और रीन्युअल फीस भी लेती हैं. हालांकि ज्यादातर कंपनियां सालाना एक तय सीमा तक खर्च करने के बाद एनुअल और रीन्युअल फीस माफ कर देती हैं. इसके अलावा कंपनियां बैलेंस ट्रांसफर फीस, लेट पेमेंट फीस, कैश एडवांस फीस, फॉरेन ट्रांजेक्शन फीस और कुछ अन्य फीस से से भी कमाई करती हैं. इस हिसाब से कंपनियों की मोटी कमाई होती है, क्योंकि वो समय-समय पर अलग-अलग चार्ज लेते रहते हैं.</p>
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