PM Modi Grammy Award: संगीत की दुनिया के सबसे बड़े अवॉर्ड ग्रैमी के नॉमिनेशन की लिस्ट कुछ दिन पहले सामने आई थी, जिसमें पीएम मोदी के लिखे एक गीत एबंडेंस इन मिलेट्स को भी नॉमिनेट किया गया है. इस नॉमिनेशन की खबर के साथ ही भारत में ग्रैमी अवॉर्ड्स की चर्चा तेज हो गई. लोग गूगल करने लगे कि आखिर ये ग्रैमी क्या होता है और अब तक ये अवॉर्ड किसे मिल चुका है. आज हम आपको ग्रैमी अवॉर्ड को लेकर कुछ ऐसी चीजें बताएंगे जो शायद ही आपको पता हों…

क्या है ग्रैमी अवॉर्ड?
सबसे पहले ये जान लेते हैं कि ग्रैमी अवॉर्ड किसे दिया जाता है. इस अवॉर्ड को एक अमेरिकी संगठन की तरफ से दिया जाता है. म्यूजिक इंडस्ट्री में शानदार काम के लिए ये अवॉर्ड दिया जाता है. इसका नाम एक ग्रामोफोन पर रखा गया है. यानी संगीत की दुनिया के महारथियों को ग्रैमी अवॉर्ड दिया जाता है.

भारत में सबसे पहले किसे मिला?
भारत का पहला ग्रैमी अवॉर्ड अपने सितार वाधन के लिए मशहूर पंडित रवि शंकर को मिला था. उन्हें चार बार इस अवॉर्ड से नवाजा गया, जिसके बाद ग्रैमी की तरफ से उन्हें लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी दिया गया. उनके अलावा जुबैन मेहता, गुलजार, जाकिर हुसैन, एआर रहमान जैसे लोगों को भी ग्रैमी मिल चुका है. 

क्या है पूरा प्रोसेस?
ग्रैमी अवॉर्ड के लिए सबसे पहले किसी गाने या फिर रिकॉर्डिंग को सबमिट करना होता है. जिसके बाद इनकी स्क्रीनिंग होती है. अलग-अलग क्षेत्रों के करीब 350 लोग बैठकर ये तय करते हैं कि वो गाना या रिकॉर्डिंग नॉमिनेशन के लायक है या नहीं. साथ ही इन्हें कैटेगरी के हिसाब से लगाया जाता है. इसके बाद ग्रैमी के मेंबर्स वोटिंग करते हैं. वोटिंग करने वाले लोग उस कैटेगरी में महारथ रखते हैं, जिसमें वो वोट डालते हैं. किसी एक कैटेगरी में सबसे ज्यादा वोट पाने वाला गाना या रिकॉर्डिंग अवॉर्ड जीतता है. टाई होने के मामले में दो या उससे अधिक लोगों को अवॉर्ड दिया जा सकता है.

ये भी पढ़ें: सिगरेट पीने से हर साल दुनियाभर में कितने लोगों की होती है मौत? आंकड़े चौंका देंगे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *