अशोक यादव/कुरुक्षेत्र. कुरुक्षेत्र की रमिता जिंदल ने चीन में चल रहे एशियन गेम्स में इतिहास रच डाला है. रमिता जिंदल ने एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में रजत तो वहीं एकल 10 मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक जीता है. इतना ही नहीं एशियन गेम्स ये उपलब्धि हासिल करने वाली रमिता जिंदल पहली भारतीय खिलाड़ी भी बन चुकी हैं. चीन में चल रहे एशियन गेम्स में रमिता जिंदल 26 सितंबर को एक बार फिर 10 मीटर मिक्स टीम इवेंट में खेलती दिखाई देंगी जहां से देशवासियों को रमिता से एक और मेडल जीतने की उम्मीद है.
रमिता जिंदल कुरुक्षेत्र के लाडवा हल्का की रहने वालीं हैं . इस जीत के बाद रमिता जिंदल के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग चुका है. परिजनों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है. आपको बता दें कि रमिता ने प्रैक्टिस के लिए घर पर ही एक शूटिंग रेंज बनाई है. रमिता के पिता अरविंद जिंदल ने बातचीत में बताया कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है, रमिता वे हमारे साथ-साथ पूरे भारत का नाम ऊंचा किया है. रमिता हर क्षेत्र में आगे रही है चाहे वो पढ़ाई हो या फिर खेल.
प्रैक्टिस से कभी भी नहीं ली ब्रैक
रमिता की मां को बेटी पर गर्व है उनका कहना है कि रमिता उन लोगों के लिए एक उदाहरण है जो बेटियों को कम समझते हैं .माता-पिता का कहना है कि रमिता एक दिन भी प्रैक्टिस से ब्रैक नहीं लेती थी फिर चाहे परिस्थितियां कैसी भी हो. उन्होंने बताया कि जब रमिता ने खेल की शुरुआती दिनों में लाडवा में ही एक एकेडमी ज्वाइन की थी. जहां रास्ते में बरसात के दिनों अक्सर काफी कीचड़ हो जाया करता था लेकिन रमिता ने कभी भी बारिश और कीचड़ को अपने जुनून के आगे झुकने नहीं दिया. जैसे-तैसे करके रमिता प्रैक्टिस के लिए एकेडमी पहुंच ही जाती थी.
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FIRST PUBLISHED : September 26, 2023, 13:24 IST
