Moon Day or Night: चांद पर हाल ही में भारत ने एक यान भेजा था, जो वहां जाकर पानी और जरूरी खनिज तथा तत्व के बारे में पता लगाने का काम कर रहा है. उस मिशन को चंद्रयान-3 नाम दिया गया है. भारत इससे पहले दो और मिशन को अंजाम दे चुका है. उसमें से एक फेल हो गया था. इस मिशन से देश और दुनिया को काफी उम्मीद है. दुनिया को उस चांद के बारे में कई सारी जानकारी पहले से है. उसमें से एक वहां डे-साइकल को लेकर है. यानि कि वहां कब दिन हो रहा है और कब रात होगी? आइए आज यह समझते हैं कि इसका पता कैसे लगाया जाता है.

चांद पर दिन है या रात?

चांद पर कब दिन और कब रात होती है इसका पता धरती से आसानी से लगाया जा सकता है. उसे समझने के लिए एक दिन का चक्र लेते हैं, जब चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है और सुर्य को चांद के उसी क्षितिज बिंदु पर लौटने देता है, जिसमें धरती के 29.5 दिन लगते हैं. यानि चांद को हर कक्षा में दो सप्ताह से थोड़ा अधिक दिन का समय मिलता है, जब वहां रौशनी होती है. इसे और आसान भाषा में बताया जाए तो चांद के एक हिस्से में दो सप्ताह तक उजाला तो 2 सप्ताह तो अंधेरा रहता है. 

चांद से दूर हो रही पृथ्वी?

द अटलांटिक की एक रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञनिकों ने अलग-अलग स्रोतों को एक साथ मिलाकर बीमिंग लेजर्स का इस्तेमाल करते हुए ‘लूनर रिट्रीट’ को मापा, इससे ये पता चला कि चंद्रमा हर साल धीरे-धीरे पृथ्वी से दूर जा रहा है. उन वैज्ञानिकों के मुताबिक, दूसरे ग्रह चांद को अपनी ओर खींच रहे हैं. यानि उन ग्रहों की गुरुत्वाकर्षण शक्ति पृथ्वी से ज्यादा है, यही वजह है कि चंद्रमा हर साल लगभग 3.82 सेमी की दर से पृथ्वी दूर जा रहा है. बता दें, अभी चांद पृथ्वी से हर साल 3.82 सेमी की दर से दूर जा रहा है. ये एक सतत प्रक्रिया है. अभी के हिसाब से देखें तो फिलहाल दिन के 24 से 25 घंटे होने में कई हजार साल लगेंगे, शायद उससे भी ज्यादा का समय लगे. इस विषय पर अभी कोई रिपोर्ट नहीं आई है. 

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