हाइलाइट्स

राजस्थान मिशन -2030 अभियान
मिशन में 14 सेक्टर्स पर फोकस किया जा रहा है
अभियान में करीब 55 विभागों को कवर किया जा रहा है

जयपुर. गहलोत सरकार की ओर से 30 सितंबर 2023 तक ‘राजस्थान मिशन -2030’ अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत 2030 के राजस्थान को लेकर विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है. इस अभियान में आमजन के सुझाव तथा सर्वे से लेकर फेस टू फेस सर्वे, आईवीआर सर्वे और लेख प्रतियोगिताओं से लेकर वीडियो कॉन्टेस्ट तक को शामिल किया गया है. जानकारों का मनाना है कि सीएम गहलोत के इस राजस्थान मिशन-2030 के विजन डॉक्यूमेंट से ही आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का मेनिफेस्टो यानी घोषणा-पत्र निकलेगा.

राजस्थान मिशन-2030 अभियान के तहत सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से लेकर विभिन्न सेक्टरों से जुड़े लोगों से संवाद किया जाएगा और उनके सुझाव लिए जाएंगे. राजस्थान मिशन-2030 के विजन डॉक्यूमेंट को तैयार करने के लिए 14 प्रमुख सेक्टर्स के करीब 55 विभागों को शामिल किया गया है. मिशन में किसी भी सेक्टर को अछूता नहीं रखा जा रहा है.

14 सेक्टर्स पर फोकस किया जा रहा है
सरकार की ओर से विजन डॉक्यूमेंट के लिए जिन 14 सेक्टर्स पर फोकस किया जा रहा है उनमें सबसे ऊपर कृषि और उसके संबधित सेक्टर को लिया गया है. उसके बाद स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, उद्योग एवं व्यापार, सामाजिक सुरक्षा, आधारभूत संरचना, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज और शहरी विकास एवं स्वच्छता को शामिल किया गया है. इनके अलावा जल, पर्यटन, युवा-कौशल एवं रोजगार, वन एवं पर्यावरण, प्रशासनिक सुधार एवं सेवा और वित्तीय प्रबंधन को शामिल किया गया है.

15 सितंबर तक सुझाव लिए जाएंगे
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान के सर्वांगिण विकास और सामाजिक सुरक्षा प्रदान के साथ में राजस्थान को साल 2030 तक में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करवाने को लेकर विजन डॉक्यूमेंट 2030 तैयार करवा रहे हैं. इसके तहत 15 सितंबर तक सुझाव लिए जाएंगे. इन सुझावों की ब्रॉडिंग भी की जाएगी. इससे सरकार के हर विभाग का एक विभागीय मिशन दस्तावेज तैयार किया जाएगा.

दस प्राथमिकताओं की ब्रॉडिंग की जाएगी
राजस्थान आर्थिक सुधार सलाहकार परिषद के अगुवाई में विजन डॉक्यूमेंट 2030 को अंतिम रूप दिया जाएगा. विजन डॉक्यूमेंट तैयार होने के बाद सरकार 25 से 30 सितंबर तक इसे जारी करेगी. उनमें से दस प्राथमिकताओं की ब्रॉडिंग की जाएगी. राजनीति के जानकारों के अनुसार इसके जरिए सरकार की कोशिश है कि जन आकांक्षाओं का पता लगाया जाए. उसके बाद उन अपेक्षाओं के आधार पर ही चुनाव का घोषणा-पत्र तैयार किया जाए.

Tags: Ashok Gehlot Government, Jaipur news, Rajasthan news, Rajasthan Politics

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