हाइलाइट्स

अंतिम पंघल ने 53 किग्रा का बचाव कर रचा इतिहास.
सविता 62 किग्रा फाइनल में जीता गोल्ड.

नई दिल्ली. सविता (62 किग्रा) ने खुद को गोल्ड मेडल का मालिक बना लिया है और वर्ल्ड चैंपियन बन चुकी हैं. एक तरफ सविता ने यह कारनामा किया वहीं दूसरी तरफ अंतिम पंघल ने लगातार अंडर-20 वर्ल्ड का खिताब अपने नाम किया. वह इस उपलब्धि को हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं हैं. भारत ने खेल के इतिहास में पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में टीम की ट्रॉफी जीती है. पंघाल ने 53 किग्रा वर्ग का बचाव करते हुए इस इतिहास को रच दिया है.

भारत के कुल 7 पहलवानों ने पदक अपने नाम किए हैं जिसमें तीन गोल्ड मेडल भी शामिल हैं. इनमें एक सिल्वर अंतिम कुंदू (65 किग्रा) जबकि रीना (57 किग्रा), आरजू (68 किग्रा) और हर्षिता (72 किग्रा) ने तीन कांस्य पदक अपने नाम किए. हरियाणा के हिसार की रहने वाली पंघल ने अपने खेल से सभी का दिल जीत लिया. उन्होंने यूक्रेन के मारिया येफ्रेमोवा पर 4-0 से एकतरफा जीत दर्ज की. पूरा टूर्नामेंट पंघाल के लिए शानदार रहा, उन्होंने उच्च लेवल की ताकत दिखाई. पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने अपने महज 2 ही अंक गंवाए हैं.

सविता ने लड़ी कड़ी लड़ाई

62 किग्रा के फाइनल में गोल्ड मेडलिस्ट सविता ने अपनी लड़ाई से सभी को हैरान कर दिया. उन्होंने वेनेजुएला के ए पाओला को घुटने टेंकने पर मजबूर कर दिया. सविता पूरे मैच में आक्रामक अंदाज में लड़ीं. रोहतक की रहने वाली सविता ने खेल को एकतरफा बना दिया. उन्होंने टेक-डाउन टू-प्वाइंटर के साथ स्टार्ट किया. फिर उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार बढ़त बनाती चलीं गईं.

दुती चंद पर नाडा ने लगाया 4 साल का बैन, एथलीट प्रतिबंध को देंगी चुनौती, वकील ने कहा- करियर में क्लीन…

पहले पीरियड में ही सविता ने अपना परचम लहराना शुरू कर दिया. उन्होंने पहले पीरियड के अंत तक 9-0 की बढ़त बना ली थी. जब बात आई दूसरे पीरियड की तो उन्होंने मैच में और अच्छी पकड़ बनाई. सविता ने दूसरे पीरियड की शुरुआत के बाद एक भी अंक नहीं गवाया और इतिहास रच दिया.

Tags: Wrestling

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *