अहमदाबाद. गुजरात के नर्मदा जिले की एक सत्र अदालत ने पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा से जुड़े एक मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक चैतर वसावा और नौ अन्य को बुधवार को छह महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई. राजपीपला अदालत के न्यायाधीश एन आर जोशी ने सात दिनों के भीतर 20,000 रुपये का जमानती बॉण्ड भरने की शर्त पर अपराधी परिवीक्षा अधिनियम के तहत परिवीक्षा पर उनकी रिहाई का आदेश दिया. अदालत ने उन्हें दो साल तक शिकायतकर्ता या उसके रिश्तेदारों से संपर्क न करने का भी निर्देश दिया. इन सभी को यह भी निर्देश दिया गया कि वे अदालत को अपना वर्तमान पता और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराएं.

दिसंबर 2022 के चुनावों में नर्मदा जिले में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र देडियापाड़ा से जीतने वाले चैतर वसावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-शासित गुजरात में आप के पांच विधायकों में से एक हैं. अदालत ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (स्वेच्छापूर्वक चोट पहुंचाना) के तहत दोषी पाया, लेकिन उन्हें धारा 395 (डकैती), 504 (जान-बूझकर चोट पहुंचाना) और 506(2) (आपराधिक धमकी) के तहत बरी कर दिया. अदालत ने छह माह के साधारण कारावास के अलावा प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

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न्यायाधीश ने फैसला सुनाने के बाद कहा कि अभियुक्त किसी अन्य आपराधिक मामले में शामिल नहीं थे और उन्होंने अदालत को आश्वासन दिया है कि वे उचित व्यवहार करेंगे, इसलिए उन्हें परिवीक्षा पर रिहा किया जाना चाहिए. बोराज गांव के निवासी सतीश वसावा ने आरोप लगाया था कि 19 दिसंबर, 2021 को आरोपियों ने उसकी पिटाई की और ग्राम पंचायत चुनाव में प्रतिद्वंद्वी गुट के उम्मीदवार का समर्थन करने के लिए उसका मोबाइल फोन और एक सोने की चेन भी छीन ली.

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