हाइलाइट्स

मेष संक्रांति के दिन 3 शुभ योग बन रहे हैं.
वैशाखी को फसलों का त्योहार कहते हैं, यह सुख और समृद्धिदायक होता है.

सूर्य देव के मेष राशि में प्रवेश करने के क्षण को मेष संक्रांति कहते हैं. इस दिन सूर्य राशि चक्र की पहली राशि मेष में गोचर करते हैं. इस दिन से सौर कैलेंडर के नए सााल का प्रारंभ होता है. मेष संक्रांति के दिन सौर नववर्ष का पहला दिन होता है. इस दिन असम में बिहू और पंजाब में वैशाखी मनाई जाती है. वैशाखी को फसलों का त्योहार कहते हैं, यह सुख और समृद्धिदायक होता है. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं कि मेष संक्रांति कब है? स्नान दान मुहूर्त और महापुण्य काल क्या है?

मेष संक्रांति 2023 सौर कैलेंडर का नया साल
इस साल मेष संक्रांति 14 अप्रैल दिन शुक्रवार को है. इस दिन वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है. मेष संक्रांति के दिन सौर कैलेंडर का नववर्ष प्रारंभ हो जाएगा और उस दिन नववर्ष का पहला माह मेष शुरू होगा.

मेष संक्रांति 2023 का समय
14 अप्रैल को सूर्य ग्रह का मेष राशि में प्रवेश दोपहर 03 बजकर 12 मिनट पर होगा. इस समय ही सूर्य की मेष संक्रांति का क्षण होगा.

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मेष संक्रांति 2023 पुण्यकाल
मेष संक्रांति के दिन पुण्यकाल सुबह 10 बजकर 55 मिनट से शाम 06 बजकर 46 मिनट तक है. इस दिन पुण्यकाल की कुल अवधि 7 घंटे 51 मिनट की है.

मेष संक्रांति 2023 महापुण्यकाल
14 अप्रैल को मेष संक्रांति का महापुण्यकाल दोपहर 01 बजकर 04 मिनट से शाम 05 बजकर 20 मिनट तक है. उस दिन महापुण्यकाल की अवधि 4 घंटे 16 मिनट की है.

मेष संक्रांति 2023 स्नान दान
मेष संक्रांति वाले दिन आप महापुण्यकाल के समय स्नान दान कर सकते हैं. संक्रांति का संबंध सूर्य देव से है, इसलिए इस दिन स्नान के बाद सूर्य देव की पूजा करते हैं और उनसे जुड़ी वस्तुओं का दान करते हैं. मेष संक्रांति स्नान के बाद गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र, लाल फूल, घी आदि का दान कर सकते हैं.

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3 शुभ योगों में है मेष संक्रांति
मेष संक्रांति के दिन 3 शुभ योग बन रहे हैं. 14 अप्रैल को प्रात:काल से लेकर सुबह 09 बजकर 37 मिनट तक सिद्ध योग है. उसके बाद से पूरे दिन साध्य योग है. मेष संक्रांति पर सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 09 बजकर 14 मिनट से अगले दिन सुबह 05 बजकर 56 मिनट तक है.

मेष संक्रांति के दिन बिहू और वैशाखी का उत्सव
बिहू 2023: मेष संक्रांति के दिन यानि 14 अप्रैल को असम में बिहू त्योहार मनाया जाएगा. इस दिन घरों पर पकवान बनाए जाते हैं और उसत्व मनाया जाता है.

वैशाखी 2023: इस साल वैशाखी का उत्सव 14 अप्रैल को मेष संक्रांति के दिन है. सौर कैलेंडर नववर्ष के पहले दिन वैशाखी मनाई जाती है. यह त्योहार मुख्यत: दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में मनाते हैं.

Tags: Astrology, Dharma Aastha

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