Neem Karoli Baba Miracle: भारत के महान साधु-संतों में नीम करोली बाबा का नाम भी प्रसिद्ध है. बाबा के भक्त उन्हें भगवान हनुमान जी का अवतार मानते हैं. खास बात तो यह है कि केवल भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बाबा के भक्त हैं और देश-विदेश की प्रसिद्ध व नामचीन हस्तियों को बाबा के प्रति श्रद्धा है.

नीम करोली बाबा की समाधि स्थल कैंची धाम में है. कहा जाता है कि कैंची धाम बाबा के रहस्यों और चमत्कारों से भरा हुआ है. कैंची धाम में नीम करोली बाबा की भव्य मूर्ति भी स्थापित है और यहीं भगवान हनुमान की भी मूर्ति है. कैंची धाम में रोजाना भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है. देश-विदेश से आमजन से लेकर नामचीन हस्तियां भी बाबा के दर्शन के लिए पहुंचती हैं.

फेमस और करोड़ों फॉलोअर्स वाले लोग हैं नीम करोली बाबा के फैन

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बाबा के भक्तों की संख्या असंख्य है. लेकिन बाबा के भक्तों की सूची में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनके खुद करोड़ों की तादाद में फॉलोअर्स हैं. नीम करोली बाबा खुद भगवान हनुमान के भक्त हैं. लेकिन बाबा के भक्तों में क्रिकेटर विराट कोहली, बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा, स्टीव जॉब्स, फेसबुक संस्थापक मार्क जुगरबर्क, प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी और हॉलीवुड अभिनेत्री जूलिया रॉबर्ट्स  जैसे कई प्रसिद्ध लोगों का नाम शामिल है.

नीम करोली बाबा के चमत्कार

नीम करोली बाबा अपने चमत्कारों को लेकर भी खूब प्रसिद्ध है. बाबा के चमत्कारों से ही कई प्रसिद्ध लोग भी उनके भक्त बन गए. इतना ही नहीं बाबा के चमत्कारों पर एक किताब भी लिखी गई है. रिचर्ड एलपर्ट ने बाबा के चमत्कारों पर ‘मिरेकल ऑफ लव’ नाम की किताब लिखी है.

नीम करोली बाबा के चमत्कारिक किस्से

वैसे तो नीम करोली बाबा के कई चमत्कारिक किस्से हैं. लेकिन कुछ ऐसे चमत्कार है, जोकि खूब चर्चा में रहे. इसमें से एक किस्सा भंडारे में घी खत्म हो जाने का है. कहा जाता है कि एक बार भंडारे में घी खत्म हो गया था और बाबा के शिष्य परेशान हो गए थे. तब बाबा ने अपने शिष्यों से बहती नदी से पानी लाने को कहा और बाबा के चमत्कार से नदी का पानी घी में बदल गया.

बाबा के चमत्कार से जुड़ी एक और कहानी यह है कि, एक बार नीम करोली बाबा बिना टिकट के ट्रेन से यात्रा कर रहे थे. टिकट न होने पर टिकट क्लेकटर ने ट्रेन रूकवाकर उन्हें ट्रेन से उतरवा दिया. लेकिन बाबा के उतरने के बाद ट्रेन चालू ही नहीं हुई. सभी तरह से ट्रेन का निरीक्षण करने के बाद भी ट्रेन एक इंच नहीं हिली. ट्रेन कलेक्टर को ध्यान में आया कि बाबा को उतारने के बाद ट्रेन नहीं चल रही. इसके बाद क्लेक्टर समेत सभी लोगों ने बाबा से वापस ट्रेन चलवाने की विनती की.

लेकिन बाबा ने शर्त रखी कि रेलवे साधुओं का सम्मान करें और जिस जगह उन्हें उतारा गया है, वहां एक रेलवे स्टेशन भी बनवाया जाए. जिससे कि यात्रियों को स्टेशन के लिए बहुत दूर तक चलना न पड़े. इसके बाद जब बाबा ट्रेन में चढ़े तो ट्रेन तुरंत चालू हो गई. इसी जगह पर रेलवे ने नीम करोली बाबा के नाम पर स्टेशन बनवाया है.

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