<p style="text-align: justify;"><strong>Rapid-fire laser diverts lightning strikes:</strong> बरसात के मौसम में बिजली कड़कते हुए तो सभी ने देखी होगी. कई बार यह इतनी विकराल होती है कि धरती पर गिर भी जाती है. आकाशीय बिजली जिस भी चीज पर गिर जाती है, उसे राख कर देती है और भवनों को तोड़ कर रख देती है. बहुत से लोगों को तो इसकी तेज गड़गड़ाहट की आवाज ही डरा देती है. इससे बचने के लिए बिल्डिंग्स पर सुरक्षा कवच तक लगाए जाते हैं. लेकिन, वो भी उस हद तक कारगर नहीं होते हैं. लेकिन, स्विटजरलैंड के वैज्ञानिकों को इस क्षेत्र में बड़ी कामयाबी मिली, वो आसमान से गिर रही बिजली का रास्ता मोड़ने में पूरी तरह से कामयाब रहे. आइए जानते हैं वो ये काम कैसे कर पाए.</p>
<h3 style="text-align: justify;">ऐसे मोड़ा बिजली का रास्ता</h3>
<p style="text-align: justify;">वैज्ञानिकों का दावा है कि यह तकनीक बड़े-बड़े भवनों को बिजली गिरने से होने वाले नुकसान से बचाने में मददगार साबित हो सकती है. साइंस न्यूज में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार वैज्ञानिकों ने माउंट सैंटिस की चोटी से आसमान की ओर तेज लेजर बीम फेंकी थी, जिससे उन्होंने गिरती हुई बिजली का रुख मोड़ दिया था. कहा गया था कि इस तकनीक में कुछ और सुधार के बाद इसे महत्वपूर्ण इमारतों सिक्योरिटी में लगाया जा सकता है. गौरतलब है कि प्रयोग यूरोप में बिजली गिरने से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले इलाके में किया गया था.</p>
<h3 style="text-align: justify;">दो साल से हो रही थी कोशिश</h3>
<p style="text-align: justify;">इसपर साल 2021 से काम चल रहा था. शुरुआत में लगातार दो महीने तक चली मैराथन टेस्टिंग में 1000 बार प्रति सेकेंड के हिसाब से बेहद तीव्र लेजर किरणों को आसमान की ओर छोड़ा गया था, इनका निशाना कड़कती हुई बिजली थी. वैज्ञानिकों ने कहा कि इस तकनीक का फायदा एयरपोर्ट समेत अहम इमारतों को होगा. वहीं, दूसरी ओर इससे संचार के साधनों और बिजली की लाइनों जैसी अहम सुविधाओं की सिक्योरिटी होने के साथ भविष्य में हजारों लोगों की जान भी बचाई जा सकेगी. </p>
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