<p style="text-align: justify;"><strong>Static Current:</strong> शायद आपके साथ भी ऐसा हुआ होगा कि जब आपने किसी को छुआ होगा या किसी ने आपको छुआ तो करंट के झटके से महसूस हुए होंगे. लेकिन, क्‍या कभी आपने यह जानने की कोशिश की है कि ऐसा क्यों होता है? वास्तव में तो इसके पीछे एक बहुत ही साधारण-सी वजह होती है. </p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>नसों से है संबंध</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">इस तरह का शॉक लगना, सीधा-सीधा हमारे शरीर की नसों से संबंधित है. कुछ लोगों को इस शॉक से बहुत ज्‍यादा डर लगता है. लेकिन यह एक बहुत ही साधारण प्रक्रिया होती है. डॉक्टर्स और एक्सपर्ट विटामिन B12, B6 और B1 की कमी को इसके पीछे की वजह बताते हैं. अगर आपको लगातार ऐसे झटके लगते हैं तो इस संबंध में डॉक्‍टर से मुलाकात कर उसे इस बारे में जरूर बताएं. ये झटके मानसून के दौरान ज्‍यादा लगते हैं. आइए अब जानते हैं शॉक लगने की वजह क्या होती है. </p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>ऐसे लगता है अचानक से शॉक </strong></h3>
<p style="text-align: justify;">न्यूरोलोजिस्ट के अनुसार, हमारे शरीर में इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी होती रहती हैं. जिस प्रकार घरों में बिजली के तार का इस्‍तेमाल किया जाता है और उसमें कॉपर के तार के ऊपर प्लास्टिक की कोटिंग की हुई होती है. ठीक उसी प्रकार शरीर में नसों के ऊपर भी कोटिंग रहती है. जिसे मेडिकल की भाषा में म्येलिन शीथ कहते हैं. कभी-कभी ये म्येलिन शीथ डिस्बैलेंस हो जाती हैं. ऐसा ज्यादातर तब होता है जब आप एक ही स्थिति में बहुत देर तक रुके रहते हैं. इससे बॉडी में इलेक्ट्रॉन्स डिस्टर्ब हो जाते हैं और इस दौरान जैसे ही कोई अचानक से छूता है तो नसों में म्येलिन शीथ एक्टिव हो जाते हैं. जिससे शॉक महसूस होता है. डॉक्टर्स का कहना है कि इसका महसूस होना व्यक्ति-व्यक्ति पर निर्भर होता है.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>प्लास्टिक की कुर्सी पर करंट का लगना</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">प्लास्टिक की कुर्सी पर बैठे समय जब हमारे पैर जमीन को नहीं छू रहे होते हैं तो, उस दौरान प्लास्टिक की कुर्सी हमारे कपड़ों से इलेक्ट्रॉन को एकत्र कर लेती है और इसमें पॉजिटिव चार्ज जमा होता है. जैसे ही कुर्सी पर बैठा व्यक्ति उठता है, तो ये चार्ज कुर्सी की तरफ चला जाता है और कुर्सी को छूने पर हल्‍का सा करंट महसूस होने लगता है. </p>
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