आरके रॉय हॉकी टीम के कोच विकास कुमार बताते हैं कि वो एक अखबार के प्रिंटिंग विभाग में रात की नाइट ड्यूटी करते हैं. उसके बाद दोपहर के 12 बजे से ग्राउंड में बच्चों को हॉकी सिखाने आ जाते हैं. दिन भर प्रैक्टिस करवाने के बाद फिर काम पर निकल जाते हैं.
आरके रॉय हॉकी टीम के कोच विकास कुमार बताते हैं कि वो एक अखबार के प्रिंटिंग विभाग में रात की नाइट ड्यूटी करते हैं. उसके बाद दोपहर के 12 बजे से ग्राउंड में बच्चों को हॉकी सिखाने आ जाते हैं. दिन भर प्रैक्टिस करवाने के बाद फिर काम पर निकल जाते हैं.