Jeevan Ke Anjane Sabak Ek Aatmkatha Anupam Kher: अनुपम खेर अब तक पांच सौ से ज्यादा फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं. हॉलीवुड में भी उनके काम की सराहना होती है. अपने बहुत सारे किरदारों में जान फूंक कर हमेशा के लिए उन्हें यादगार भी बना दिया, लेकिन एक फिल्म में रोल न मिलने का उन्हें बहुत मलाल हुआ था. रंगमंच के रास्ते सिल्वर स्क्रीन तक पहुंचने वाले अनुपम खेर उस फिल्म में कोई भी किरदार निभाने को तैयार थे, लेकिन बात नहीं बनी.
कहानी दरअसल 1980 की है. तब तक अनुपम खेर को रंगमंच के क्षेत्र में पहचाना जाने लगा था. खासतौर से दिल्ली में. यही वक्त था, जब महान फिल्मकार सर रिचर्ड एटनबरो ‘गांधी’ फिल्म के कलाकार चुनने दिल्ली आए थे. नाटकों के जरिए अनुपम को जानने-पहचाने वाली एक पत्रकार डॉली ठाकोर ने अनुपम को कहा, कि उन्हें लगता हैं कि उनको (अनुपम को) ‘गांधी’ फिल्म में रोल मिल सकता है. लपक कर अनुपम खेर ने सवाल दागा –“गांधी का?” अनुपम के मुताबिक डॉली खुद कलाकार और कास्टिंग डाइरेक्टर भी रह चुकी थीं.
डॉली ने उनसे कहा कि नहीं, उन्होंने एटनबरो को नेहरू के रोल के लिए अनुपम का नाम सुझाया है. अनुपम को लगा कि हो सकता है कश्मीरीयत इसकी वजह हो. नेहरू भी कश्मीरी थे और अनुपम भी.
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फिर क्या था, मन में गुलाब खिल गया. अनुपम ने भी नेहरू की तरह अचकन और चुस्त पायजामा का जुगाड़ कर लिया. अचकन पर जब तब गुलाब लगाना भी शुरू कर दिया. ऑर्काइब्स में मौजूद नेहरू की तमाम फिल्में देख लीं. उनके हाव-भाव का बारीकी से अध्ययन शुरु कर दिया. महात्मा गांधी की हत्या के बाद के नेहरू के भाषण का एक महत्वपूर्ण अंश रट लिया. लगातार उसे नेहरू के अंदाज में दुहराने लगे.
एटनबरो से मुलाकात
पत्रकार डॉली ने बताया कि रिचर्ड एटनबरो अशोका होटल में ठहरें हैं. वे वहां जाकर उनसे मिल लें. कमरा नंबर और मुलाकात का टाइम भी बता दिया. वहां जाते हुए अनुपम खेर को लगने लगा कि उन्हें ऑस्कर मिलना ही है. अपनी किताब “जीवन के अनजाने सबक-एक आत्मकथा” में वे लिखते हैं – “… दरअसल अपने दिमाग में मैंने नेहरू की भूमिका निभाने के लिए ऑस्कर पुरस्कार तक जीत लिया था.” वे बाकायदा नेहरू की ड्रेस में, जेब में गुलाब रख कर, अपने एक दोस्त विजय सहगल के साथ अशोका होटल पहुंच गए.
साथ गए दोस्त विजय सहगल ने अनुपम खेर की जोरदार तारीफ की. इससे अनुपम की सोच को और पक्का कर दिया. होटल पहुंचते ही कोने में ले जाकर विजय ने फुसफुसाते हुए कहा – “तुमने कर दिखाया…. तुमने वास्तव में कर दिखाया.” वहां डॉली और फिल्म के अंग्रेज कास्टिंग निर्देशक उनका इंतजार भी कर रहे थे. डॉली के परिचय कराने पर अनुपम को लगा कि अंग्रेज कास्टिंग डाइरेक्टर भी उन्हें ‘सराहना भरी नजरों से देख रहे हैं.’
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डॉली और गांधी फिल्म के कास्टिंग डाइरेक्टर उन्हें एटनबरो के पांचवी मंजिल स्थित कमरे तक लेकर गए. लिफ्ट से निकलते ही उन्होंने सामने एटनबरो को देखा, जो एक आदमी कंधे पर हाथ रखे हुए थे और कह रहे थे, – “मैं तुमसे मिल कर बहुत खुश हूं रोशन. मुझे मेरा नेहरू मिल गया.” रोशन सेठ ने ही गांधी फिल्म में नेहरू की भूमिका की थी.
“सर मैं पंडित जवाहर लाल नेहरू हूं”
फिर एटनबरो ने डॉली से पूछा कि क्या ये नौजवान यहां किसी भूमिका के लिए आया है. तब तक अनुपम और डॉली स्थिति को समझ चुके थे. फिर भी अनुपम ने खुद ही कहा – “सर मैं नेहरू हूं. पंडित जवाहर लाल नेहरू.”
उन्होंने कहा –“ माफ करना दोस्त, मैंने रोशन सेठ को इस भूमिका के लिए चुन लिया है.” इस पर अनुपम फूट पड़े. अपनी किताब में वे लिखते हैं – “आप किसी दूसरे को इस भूमिका के लिए कैसे चुन सकते हैं. आपने मेरा ऑडिशन भी नहीं लिया…. क्या आपने मुझे नेहरू का अभिनय करते देखा है.” अनुपम खेर यहीं नहीं रुके – उन्होंने एटनबरो पर सीधा प्रहार कर दिया – “यह पूरी तरह से गैरपेशेवर रवैया है. एक अंग्रेज से इस तरह की उम्मीद नहीं थी….. वह भी आपके कद के किसी आदमी से.”
“तो निभाओ भूमिका और…”
इतना होने पर एटनबरो ने कह ही दिया – “नेहरू की भूमिका निभाओ.” अनुपम लिखते हैं कि ये सुन कर उनका दिमाग सुन्न हो गया और उन्होंने जितना भी अभ्यास किया था, सब दिमाग से गायब हो गया. बहरहाल, कुछ क्षणों बाद उन्होंने कहा कि वे चाहते है कि ‘गांधी’ फिल्म में उन्हें कोई भी भूमिका वे दे दें. फाइल वैगरह देखने के बाद थोड़ा सोच-समझ कर एटनबरो ने कहा कि वे अब्दुल गफ्फार खान की भूमिका निभा लें. तभी अंग्रेज कास्ट डाइरेक्टर बोल पड़ा –‘उसके लिए मैंने लिफ्टमैन का चुनाव कर लिया है.’ लिफ्टमैन 6 फीट से ज्यादा का था. सीमांत गांधी भी 6 फिट 5 इंच के थे.
और आखिर में एटनबरो ने अनुपम से कहा – “माफ करना मेरे दोस्त. मैंने कोशिश की थी.”
पुस्तक- जीवन के अनजाने सबक एक आत्मकथा अनुपम खेर
लेखक- अनुपम खेर
प्रकाशक- हिंद पॉकेट बुक्स
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Tags: Anupam kher, Books, Gandhi, Hindi Literature, Hindi Writer, Jawahar Lal Nehru, Literature
FIRST PUBLISHED : January 05, 2023, 13:14 IST
