आज के समय में प्लास्टिक का इस्तेमाल आप हर रोज करते हैं. खाना खाने वाली प्लेट से लेकर, पानी पीने वाली बोतल तक, हर चीज अब प्लास्टिक के मिलने लगी है. लेकिन जिन प्लास्टिक के बर्तनों का इस्तेमाल आप करते हैं उनके पीछे कई बार कुछ कोड लिखे होते हैं, क्या आपने कभी इन पर गौर किया है और अगर गौर किया है तो क्या कभी जानने की कोशिश की कि आखिर यह कोड क्यों लिखे होते हैं.

प्लास्टिक से बने हर चीज पर एक निशान जरूर होता है

आपके घर में प्लास्टिक का कोई भी सामान हो बाल्टी, मग, बोतल, प्लेट, कटोरी कुछ भी. सब में पेंदी के पास एक त्रिभुज का आकार जरूर बना होगा. और इसी आकार के बीच में कुछ कोड लिखे होंगे. इस कोड को रेजीन आइडेंटिफिकेशन कोड यानी आर आई सी कहते हैं. यह कोड प्लास्टिक की क्वालिटी और उसे किस लिए इस्तेमाल किया जाना है, उसकी जानकारी देता है. इस कोड को अमेरिका के सोसाइटी ऑफ द प्लास्टिक इंडस्ट्री ने बनाया था और अब यह अंतर्राष्ट्रीय मानक संगठन एएसटीएम की देखरेख में काम करता है.

संख्या में होता है कोड

प्लास्टिक के सामानों पर नीचे की ओर ट्रायंगल में जो कोड लिखे होते हैं वह अंकों में होते हैं. यह अंक 1 से 7 तक के बीच में हो सकते हैं. अगर आपके किसी प्लास्टिक के सामान के ऊपर 1 से 6 तक का कोड है तो यह सब बताता है कि यह किसी स्पेसिफिक प्लास्टिक पॉलीमर से बना है. वहीं अगर कोड 7 तो इसका मतलब क्या है प्लास्टिक एक जनरल कैटेगरी की प्लास्टिक है.

ज्यादातर बोतलों में PET या PETE लिखा होता है

आपके घर में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की ज्यादातर बोतलों में यही कोड मिलेगा. दरअसल, यह सामान्य स्तर की गुणवत्ता वाली प्लास्टिक होती है जिसका इस्तेमाल औसतन सभी बोतलों में होता है. कोल्ड ड्रिंक की बोतल से लेकर पानी की बोतल तक, यहां तक कि जिन प्लास्टिक के डिब्बों और बोतलों में भरकर आपके घर में ग्रॉसरी का सामान आता है उनमें भी ज्यादातर यही कोड दिखाई देता है. हालांकि, इस कोड वाले बोतल का लंबे समय तक इस्तेमाल करना आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है.

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