जयपुर. उदयपुर-अहमदाबाद रेल मार्ग पर विस्फोट उन लोगों की करतूत हो सकती है, जो नए उद्घाटन ट्रैक को रोडवेज और वाणिज्यिक परिवहन के लिए एक रुकावट के लिए तौर पर देख रहे थे. खुफिया सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज18 को यह जानकारी दी. सूत्रों ने यह भी खुलासा किया कि आरोपियों ने स्थानीय रूप से खरीदी गई सामग्री से विस्फोटक बनाया. हालांकि, किसी इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) का इस्तेमाल नहीं किया गया था.
विस्फोट रविवार तड़के उदयपुर जिले में उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल के अंतर्गत जवार और खरवार चंदा के बीच एक पुल पर उदयपुर-असरवा इंटरसिटी एक्सप्रेस के रवाना होने के 90 मिनट बाद हुआ. हालांकि खुफिया एजेंसियां जांच के कुछ अहम पहलुओं के बारे में ज्यादा ब्योरा और जवाब तलाश रही हैं, लेकिन वे अभी भी आतंकी एंगल से इंकार नहीं कर रहे.
स्थानीय लोगों द्वारा उदयपुर और अहमदाबाद के बीच रेलवे लाइन क्षतिग्रस्त होने की सूचना देने के बाद रविवार को एक संभावित हादसा टल गया. मौके से डेटोनेटर और बारूद बरामद किया गया, जो एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है. उदयपुर एंटी टेरर स्क्वॉड (एटीएस) के अधिकारियों को किसी भी ‘आतंकी’ एंगल को देखने के लिए साइट के लिए रवाना होना पड़ा.
उल्लेखनीय है कि ओड़ा रेलवे पुल पर उदयपुर-अहमदाबाद को जोड़ने वाले रेलवे ट्रैक पर शनिवार-रविवार की दरमियानी रात को विस्फोट हुआ था. ओड़ा रेलवे पुलिस उदयपुर के जावर माइंस पुलिस थाना क्षेत्र में आता है. स्थानीय लोगों ने देर रात विस्फोट की आवाज सुनी थी. दो युवक रविवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे थे और उन्हें विस्फोटक व क्षतिग्रस्त ट्रैक दिखा था, जिसके बाद उन्होंने रेलवे अधिकारियों और पुलिस को सूचित किया.
यह रेल लाइन 31 अक्टूबर को शुरू की गई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद में असावरा रेलवे स्टेशन से असावरा-उदयपुर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई थी. सोमवार को क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत कर इस लाइन पर रेल परिचालन बहाल कर दिया गया था.
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FIRST PUBLISHED : November 15, 2022, 17:44 IST
