बेंगलुरु. कर्नाटक में 12 नवंबर को आयोजित ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ में मध्यस्थता के माध्यम से कुल 14.77 लाख पूर्व मुकदमों और अदालतों में लंबित मामलों का निपटारा किया गया है. कर्नाटक राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति बी वीरप्पा (B Veerappa) के अनुसार, पिछली लोक अदालतों की तुलना में इस बार रिकॉर्ड संख्या में मामलों का निपटारा किया गया है.

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, कुल 1,021 पीठों में से 1,013 जिला अदालतों और आठ उच्च न्यायालयों सहित विभिन्न अदालतों में कुल 1,76,501 लंबित मामलों का निपटारा किया. 13,00,784 पूर्व-मुकदमों सहित 14,77,285 मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाया गया, और 1,282 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया.

कर्नाटक में 25 ‘उग्र’ हिंदूवादी अगला विधानसभा चुनाव लड़ेंगे : श्री राम सेना प्रमुख प्रमोद मुतालिक

बता दें कि 12 नवंबर को आयोजित हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित उपभोक्ता मामलों की सुनवाई हुई थी. एक प्रेस रिलीज में बताया गया था कि लोक अदालत प्रणाली के लाभों और पार्टियों के बीच आपसी समझौते को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में उपभोक्ता मामलों का निपटान होगा.

Tags: High court, Karnataka, Lok Adalat

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *