हाइलाइट्स

न्यूज18 की रिपोर्ट में बताया गया था कि जिलेटिन और फ्यूज वायर के जरिये रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट हुआ था.
पुलिस ने अहमदाबाद-उदयपुर रेलवे ट्रैक पर हुए ब्लास्ट मामले में FIR दर्ज की.
ब्लास्ट केस में टेरर एंगल की जांच की जा रही है.

नई दिल्ली. उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट के मामले में रेलवे ने अपनी छानबीन के बाद उदयपुर के थाना जावर माइंस में अनेक आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया है. उदयपुर पुलिस की इस एफआईआर में न्यूज18 की रिपोर्ट पर मोहर लगी है. News18 ने सबसे पहले यह खबर बताई थी कि रेलवे ट्रैक पर विस्फोट जिलेटिन और फ्यूज वायर के जरिए कराया गया था. पुलिस की एफआईआर के मुताबिक यह शिकायत रेलवे के सीनियर स्टेशन इंजीनियर रेल पथ गणेश प्रसाद द्वारा दर्ज कराई गई है.

शिकायत में बताया गया है कि उनके पास उनके ट्रैक मैन रमेश कुमार मीणा ने इस विस्फोट के बारे में जानकारी दी थी. इस जानकारी में बताया गया था कि उदयपुर अहमदाबाद रेल ब्रिज पर अज्ञात लोगों द्वारा विस्फोट किया गया है, जिससे काफी नुकसान हुआ है और ब्रिज के अनेक हिस्से टूट गए हैं. सूचना के आधार पर सीनियर स्टेशन इंजीनियर गणेश प्रसाद द्वारा यह जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई और उसके बाद वे तत्काल घटनास्थल पर मौका मुआयना के लिए भी गए.

पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक गणेश प्रसाद ने मुआयना के दौरान देखा कि इस विस्फोट के कारण रेल की पटरी में दरार आ गई है और ब्रिज का निचला हिस्सा टूटकर गिरा हुआ था. साथ ही पुल भी कई जगहों से क्षतिग्रस्त हुआ था. रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी ने मौके पर पाया कि वहां ओवर ब्रिज के लोहे के टुकड़े के साथ-साथ फ्यूज वायर डेटोनेटर और जिलेटिन आदि के अवशेष पड़े हुए थे. स्थानीय लोगों के मुताबिक शाम 7:00 से 7:15 के बीच में धमाका हुआ था.

रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा दी गई इस शिकायत के आधार पर उदयपुर की जावर माइंस थाना पुलिस ने अनेक अपराधिक धाराओं के तहत इस बाबत मुकदमा दर्ज किया है. यह मुकदमा एफआईआर नंबर 181/22 थाना जावर माइंस पर रेलवे एक्ट सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और यूएपीए की धारा 16 और 18 के तहत दर्ज किया गया है. आरंभिक जांच के दौरान खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि विस्फोट करने वालों का मकसद चोरी नहीं था.

साथ ही जिस फ्यूज वायर के जरिए यह रेल पटरी उड़ाई गई वह लगभग 10 से 15 मिनट तक सुलगी होगी और इस दौरान इस मामले के आरोपी वहां से फरार हो गए होंगे. सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां इस मामले में टेरर एंगल और स्थानीय विवाद समेत तीन बिंदुओं पर जांच कर रहे हैं. अभी तक की जांच के दौरान ऐसा कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगा है, जिसके जरिए किसी संगठन या किसी व्यक्ति विशेष पर उंगली उठाई जा सके. फिलहाल इस मामले में सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की जांच जारी है.

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FIRST PUBLISHED : November 15, 2022, 00:36 IST

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